DRI की बड़ी कार्रवाई: 440 संरक्षित वन्यजीव बचाए, 15 किलो हाथीदांत जब्त, 33 तस्कर गिरफ्तार

Mon 13-Jul-2026,11:36 PM IST +05:30

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DRI की बड़ी कार्रवाई: 440 संरक्षित वन्यजीव बचाए, 15 किलो हाथीदांत जब्त, 33 तस्कर गिरफ्तार Wildlife Trafficking
  • DRI ने 440 संरक्षित वन्यजीवों को बचाया और 33 तस्करों को गिरफ्तार किया।

  • लगभग 15 किलोग्राम हाथीदांत और कई प्रतिबंधित वन्यजीव उत्पाद जब्त किए गए।

  • देशभर में DRI, CBI, WCCB और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई सफल रही।

Delhi / Delhi :

Delhi / देशभर में अवैध वन्यजीव तस्करी के खिलाफ चलाए गए व्यापक अभियान में राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) को बड़ी सफलता मिली है। खुफिया जानकारी के आधार पर विभिन्न राज्यों में की गई कार्रवाई के दौरान 440 से अधिक लुप्तप्राय और संरक्षित वन्यजीवों को बचाया गया है। इसके साथ ही लगभग 15 किलोग्राम हाथीदांत और उससे बनी वस्तुएं जब्त की गई हैं तथा वन्यजीव तस्करी से जुड़े 33 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

डीआरआई की हालिया कार्रवाई में राजस्थान के सुजानगढ़ क्षेत्र से करीब 11 किलोग्राम हाथीदांत बरामद किया गया। इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया गया, जिन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए वन विभाग को सौंप दिया गया। भारतीय हाथी वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में शामिल है और हाथीदांत के व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध है।

पश्चिम बंगाल के हावड़ा में अधिकारियों ने हाथीदांत से बनी देवी-देवताओं की दो मूर्तियां जब्त कीं, जिनके बांग्लादेश से तस्करी कर लाए जाने की आशंका है। वहीं कर्नाटक के मैसूर में भी 4 किलोग्राम हाथीदांत बरामद किया गया और तीन लोगों को पकड़ा गया।

7 और 8 जुलाई 2026 को महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में चलाए गए संयुक्त अभियान में एक अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया गया। डीआरआई, सीबीआई और वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) की संयुक्त कार्रवाई में कई दुर्लभ प्रजातियों को बचाया गया। इनमें 15 स्लो लोरिस, 2 बिंटुरोंग, 28 स्टार कछुए, 6 मिस्री गिद्ध और 2 शिकरा पक्षी शामिल हैं। इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

इसके अलावा बैंकॉक, कुआलालंपुर और कोलंबो से भारत आने वाले यात्रियों के जरिए की जा रही वन्यजीव तस्करी की कई कोशिशों को भी नाकाम किया गया। विभिन्न हवाई अड्डों पर दुर्लभ कछुओं, अजगरों, छिपकलियों, गिब्बन, बंदरों और अन्य विदेशी प्रजातियों को जब्त कर सुरक्षित बचाया गया।

डीआरआई ने बेंगलुरु, पुणे, चेन्नई, कोलकाता, सूरत, वारंगल, मदुरै, त्रिची, असम और राजस्थान सहित कई राज्यों में समन्वित अभियान चलाकर पैंगोलिन के शल्क, तेंदुए की खाल, रेड सैंडर्स और अन्य संरक्षित वन्यजीव उत्पाद भी जब्त किए हैं।

अधिकारियों का कहना है कि इन अभियानों का उद्देश्य केवल तस्करों को पकड़ना नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी नेटवर्क को तोड़ना और भारत की जैव विविधता की रक्षा करना है। डीआरआई ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसी खुफिया आधारित कार्रवाई जारी रहेगी ताकि देश के वन्यजीवों और दुर्लभ प्रजातियों को सुरक्षित रखा जा सके।