पश्चिम बंगाल के लिए शिवराज सिंह चौहान की बड़ी घोषणाएं: ₹82,000 करोड़ की परियोजनाएं
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West Bengal Development
82,000 करोड़ रुपये की 19 बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1 लाख ग्रामीण मकानों को मंजूरी।
किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण विकास के लिए कई नई घोषणाएं।
Kolkata / केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान कोलकाता में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, राज्य सरकार के मंत्रियों और केंद्र व राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में राज्य के विकास, ग्रामीण रोजगार, आवास, कृषि और आधारभूत संरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बाद में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना विकसित पश्चिम बंगाल के बिना पूरा नहीं हो सकता।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर पश्चिम बंगाल के विकास को नई दिशा देने के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि सड़क, रेलवे, मेट्रो, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और कोयला क्षेत्रों से जुड़ी 82,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 19 बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास, वन स्वीकृति और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय जैसी बाधाओं को दूर करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, ताकि लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा सके।
ग्रामीण विकास के क्षेत्र में भी केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मंत्री ने बताया कि पश्चिम बंगाल के लिए 8,508 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। राज्य सरकार के अंशदान को मिलाकर यह राशि 12,000 करोड़ रुपये से अधिक होगी, जिसका उपयोग पंचायतों के माध्यम से ग्रामीण रोजगार और विकास कार्यों में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य केवल 100 दिनों का रोजगार नहीं, बल्कि “सवा सौ दिन का रोजगार” सुनिश्चित करना है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय और सुरक्षा मजबूत हो सके।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत राज्य को एक लाख मकानों की अंतरिम स्वीकृति भी दी गई है। भारी बारिश के कारण लाभार्थी सर्वे पूरा न होने पर इसकी समय सीमा बढ़ाकर 15 अगस्त कर दी गई है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे।
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए स्वयं सहायता समूहों (SHG) को 245 करोड़ रुपये का बैंक ऋण और 50 करोड़ रुपये का कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड देने की घोषणा की गई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह सहायता ग्रामीण महिलाओं को छोटे उद्योग, प्रसंस्करण, विपणन और स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद करेगी।
कृषि क्षेत्र के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की गई। मालदा में क्लीन प्लांट कार्यक्रम के तहत रोगमुक्त और उच्च गुणवत्ता वाले फलदार पौधों की व्यवस्था की जाएगी। इससे आम, लीची और अन्य फलों के उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही पश्चिम बंगाल को पूर्वी भारत का “सीड हब” बनाने की दिशा में भी काम किया जाएगा, जहां आलू, मक्का और अन्य फसलों के गुणवत्तापूर्ण बीज तैयार किए जाएंगे।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि आईसीएआर और कृषि विश्वविद्यालयों के सहयोग से पश्चिम बंगाल के लिए वैज्ञानिक कृषि रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इसके तहत जलवायु, मिट्टी और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर खेती की आधुनिक रणनीति बनाई जाएगी। साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), प्राकृतिक खेती और डिजिटल कृषि जैसी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से पश्चिम बंगाल विकास, कृषि, रोजगार और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को हासिल करेगा और देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।