New Zealand Earthquake News: साउथ आइलैंड में तेज झटके, तटीय इलाकों में चेतावनी
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New Zealand Earthquake
न्यूजीलैंड के साउथ आइलैंड में 6.3 तीव्रता का भूकंप, सुनामी चेतावनी जारी।
ते अनाउ क्षेत्र के पास भूकंप का केंद्र, तटीय इलाकों में सतर्कता बढ़ाई गई।
गुजरात के कच्छ में तीन मिनट के भीतर दो भूकंप के झटके महसूस किए गए।
New Zealand / न्यूजीलैंड के साउथ आइलैंड में गुरुवार को आए तेज भूकंप ने लोगों को कुछ देर के लिए दहशत में डाल दिया। भूकंप के झटके इतने मजबूत थे कि लोगों ने घरों और इमारतों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.3 दर्ज की गई, जबकि अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) और जर्मनी के जियोसाइंस रिसर्च सेंटर (GFZ) ने इसकी तीव्रता 5.9 बताई है।
जानकारी के मुताबिक भूकंप का केंद्र न्यूजीलैंड के दक्षिणी द्वीप पर स्थित ते अनाउ (Te Anau) शहर से लगभग 40 किलोमीटर उत्तर में था। यह क्षेत्र विश्व प्रसिद्ध फियोर्डलैंड नेशनल पार्क और पर्यटन स्थलों का प्रवेश द्वार माना जाता है। भूकंप के बाद न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी ने तुरंत लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी और समुद्र तटों तथा तटीय क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की। अधिकारियों ने संभावित समुद्री गतिविधियों को देखते हुए सुनामी संबंधी चेतावनी भी जारी की।
हालांकि राहत की बात यह रही कि शुरुआती रिपोर्टों में किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली है। आपदा प्रबंधन एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप का केंद्र जमीन के काफी नीचे, लगभग 50 किलोमीटर से अधिक गहराई में था, जिसके कारण व्यापक तबाही की आशंका कम रही।
इसी दिन भारत के गुजरात राज्य के कच्छ जिले में भी भूकंप के दो झटके महसूस किए गए। खास बात यह रही कि दोनों झटके महज तीन मिनट के अंतराल में आए। इंस्टीट्यूट ऑफ सीस्मोलॉजिकल रिसर्च (ISR), गांधीनगर के अनुसार पहला भूकंप दोपहर 2:20 बजे आया, जिसकी तीव्रता 3.6 मापी गई। इसका केंद्र खावड़ा क्षेत्र से लगभग 32 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित था।
पहले झटके के तीन मिनट बाद, दोपहर 2:23 बजे दूसरा भूकंप दर्ज किया गया, जिसकी तीव्रता 3.2 रही। इस बार भूकंप का केंद्र धोलावीरा से लगभग 32 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर दिशा में पाया गया। दोनों झटकों को स्थानीय लोगों ने महसूस किया, हालांकि इनकी तीव्रता अपेक्षाकृत कम होने के कारण किसी बड़े नुकसान की खबर सामने नहीं आई।
कच्छ क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है और अतीत में यहां कई बड़े भूकंप आ चुके हैं। इसलिए प्रशासन और वैज्ञानिक एजेंसियां लगातार गतिविधियों पर नजर बनाए रखती हैं। फिलहाल स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
न्यूजीलैंड और भारत में एक ही दिन भूकंप की घटनाओं ने एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। हालांकि दोनों स्थानों से किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है, लेकिन संबंधित एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।