UPTET परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा: दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देते 15 सॉल्वर गिरफ्तार
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UPTET Exam Fraud
UPTET परीक्षा में दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देते 15 सॉल्वर पकड़े गए।
एआई कैमरों और कंट्रोल रूम की मदद से फर्जी परीक्षार्थियों की पहचान हुई।
955 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण और नकलमुक्त माहौल में संपन्न हुई।
Lucknow / उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 के दौरान बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। परीक्षा में नकल और प्रतिरूपण (इम्पर्सोनेशन) रोकने के लिए अपनाई गई सख्त निगरानी व्यवस्था के बीच प्रदेश के विभिन्न जिलों से कुल 15 फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए, जो दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। सभी आरोपियों को तत्काल हिरासत में लेकर स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया, जहां उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
2 जुलाई को आयोजित UPTET परीक्षा प्रदेशभर के 955 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में संपन्न हुई। परीक्षा के दौरान पहली पाली में 7 और दूसरी पाली में 8 फर्जी अभ्यर्थियों को पकड़ा गया। ये लोग वास्तविक अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा दे रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और नकलमुक्त बनाने के लिए इस बार अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया था, जिसकी वजह से फर्जी अभ्यर्थियों की पहचान संभव हो सकी।
परीक्षा की निगरानी उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा स्थापित एआई इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड रूम से की गई। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार, सदस्यगण, सचिव, परीक्षा नियंत्रक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में प्रदेशभर के परीक्षा केंद्रों पर लगातार नजर रखी गई। परीक्षा केंद्रों पर लगाए गए एआई आधारित कैमरे और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम अभ्यर्थियों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए थे।
अधिकारियों ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से संदिग्ध गतिविधियों और चेहरे की पहचान के आधार पर कई अभ्यर्थियों की जांच की गई। इसी प्रक्रिया के दौरान विभिन्न जिलों में ऐसे लोगों की पहचान हुई जो किसी अन्य उम्मीदवार की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। जांच के बाद उनकी पहचान फर्जी परीक्षार्थियों के रूप में हुई और उन्हें तुरंत परीक्षा केंद्रों से बाहर कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
परीक्षा अधिकारियों का कहना है कि तकनीक के इस्तेमाल ने इस बार परीक्षा की विश्वसनीयता और सुरक्षा को काफी मजबूत किया है। एआई आधारित निगरानी प्रणाली ने न केवल संदिग्ध गतिविधियों को चिन्हित किया बल्कि परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उपस्थिति के आंकड़ों की बात करें तो दोनों पालियों में कुल 8,07,636 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 6,84,614 उम्मीदवारों ने परीक्षा में भाग लिया, जो कुल पंजीकृत अभ्यर्थियों का 84.76 प्रतिशत है। महिला अभ्यर्थियों की उपस्थिति 84.69 प्रतिशत रही, जबकि पुरुष अभ्यर्थियों की उपस्थिति 84.86 प्रतिशत दर्ज की गई। यह आंकड़ा दर्शाता है कि परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में काफी उत्साह देखने को मिला।
आयोग ने परीक्षा के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और परीक्षा केंद्रों के कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया है। अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश केंद्रों पर परीक्षा बिना किसी बड़ी बाधा के संपन्न हुई और नकल तथा फर्जीवाड़े पर प्रभावी नियंत्रण रखा गया। अब पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जबकि परीक्षा परिणाम और अन्य प्रक्रियाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेंगी।