सौरव गांगुली को मिलेगा ICC Hall of Fame सम्मान, भारतीय क्रिकेट के लिए गौरव का क्षण
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Saurabh Ganguli News
सौरव गांगुली ICC Hall of Fame में शामिल होने वाले 12वें भारतीय क्रिकेटर बन सकते हैं।
11 जुलाई को ICC की वार्षिक कॉन्फ्रेंस में आधिकारिक घोषणा संभव।
गांगुली ने भारतीय क्रिकेट को नई पहचान और कई ऐतिहासिक सफलताएं दिलाईं।
Mumbai / भारतीय क्रिकेट के इतिहास में जब भी सबसे प्रभावशाली कप्तानों का जिक्र होगा, सौरव गांगुली का नाम हमेशा प्रमुखता से लिया जाएगा। अब उनके शानदार क्रिकेट करियर और भारतीय क्रिकेट में दिए गए अमूल्य योगदान को एक और बड़ी पहचान मिलने जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल किया जाएगा। इसकी आधिकारिक घोषणा 11 जुलाई को स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग में होने वाली ICC की वार्षिक कॉन्फ्रेंस में की जा सकती है। यदि यह घोषणा होती है, तो गांगुली ICC हॉल ऑफ फेम में जगह पाने वाले भारत के 12वें क्रिकेटर बन जाएंगे।
यह सम्मान उनके लिए इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि यह उनके 54वें जन्मदिन के अवसर पर मिलने जा रहा है। इसी दिन उनकी बहुप्रतीक्षित बायोपिक 'दादा: द सौरव गांगुली स्टोरी' का पहला पोस्टर भी जारी किया गया। पोस्टर में अभिनेता राजकुमार राव को 2002 नेटवेस्ट ट्रॉफी जीतने के बाद लॉर्ड्स की बालकनी में जर्सी लहराते हुए दिखाया गया है। गांगुली ने इस पोस्टर को साझा करते हुए इसे अपने जन्मदिन का सबसे खास उपहार बताया।
सौरव गांगुली ने भारतीय क्रिकेट के सबसे कठिन दौर में टीम की कमान संभाली थी। साल 2000 में मैच फिक्सिंग विवाद के बाद भारतीय क्रिकेट की छवि को दोबारा मजबूत करने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आई। उन्होंने न केवल टीम को नई दिशा दी, बल्कि कई युवा खिलाड़ियों को मौका देकर भारतीय क्रिकेट का भविष्य भी तैयार किया। वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, हरभजन सिंह, जहीर खान, मोहम्मद कैफ और बाद में महेंद्र सिंह धोनी जैसे खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में गांगुली की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उनकी कप्तानी में भारत ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं। टीम ने 2002 की ICC चैंपियंस ट्रॉफी जीती, 2003 वनडे विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई, इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज ड्रॉ कराई और 2004 में पाकिस्तान में पहली बार टेस्ट सीरीज जीतकर इतिहास रचा। इसके अलावा भारत ने ऑस्ट्रेलिया की लगातार 16 टेस्ट जीत की लय भी तोड़ी थी, जिसने दुनिया को भारतीय टीम की नई ताकत का एहसास कराया।
व्यक्तिगत प्रदर्शन की बात करें तो गांगुली ने 113 टेस्ट मैचों में 7,212 रन बनाए, जिनमें 16 शतक शामिल हैं। वहीं 311 वनडे मैचों में उन्होंने 11,363 रन और 22 शतक दर्ज किए। बल्लेबाजी के अलावा उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 132 विकेट भी हासिल किए।
क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी गांगुली खेल प्रशासन से जुड़े रहे। वे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष बने और वर्तमान में क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे हैं। ICC हॉल ऑफ फेम में उनका शामिल होना भारतीय क्रिकेट और उनके प्रशंसकों के लिए गर्व का क्षण माना जा रहा है। यह सम्मान न केवल उनके शानदार आंकड़ों का, बल्कि भारतीय क्रिकेट को नई पहचान देने में निभाई गई उनकी ऐतिहासिक भूमिका का भी सम्मान है।