भारत-मालदीव FTA वार्ता का पहला दौर सफल, व्यापार और निवेश सहयोग को मिलेगी नई गति
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
India-Maldives FTA
भारत-मालदीव FTA वार्ता का पहला दौर सफलतापूर्वक पूरा हुआ।
व्यापार, निवेश, पर्यटन और डिजिटल सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
द्विपक्षीय व्यापार में 13.54 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
Delhi / भारत और मालदीव के बीच आर्थिक एवं व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। दोनों देशों के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर वार्ता का पहला दौर सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। यह वार्ता 29 जून से 7 जुलाई 2026 तक वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य विभाग में संयुक्त सचिव और मुख्य वार्ताकार उज्ज्वल कुमार घोष ने किया, जबकि मालदीव की ओर से मुख्य वार्ताकार यूसुफ रिजा ने टीम का नेतृत्व किया। वार्ता के दौरान दोनों देशों के अधिकारियों ने आठ प्रमुख नीतिगत क्षेत्रों से जुड़े विषयों पर तकनीकी स्तर की विस्तृत चर्चाएं कीं। दोनों पक्षों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति दर्ज की और व्यापक सहमति बनाने में सफलता हासिल की।
वार्ता के पहले चरण के तुरंत बाद 8 जुलाई 2026 को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और मालदीव के आर्थिक विकास, परिवहन एवं व्यापार मंत्री मोहम्मद सईद के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में दोनों नेताओं ने एफटीए वार्ता सहित विभिन्न द्विपक्षीय आर्थिक पहलों की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही, भारत और मालदीव के बीच राजनयिक संबंधों के 60 वर्ष पूरे होने के अवसर पर दोनों देशों ने द्विपक्षीय निवेश संधि (BIT) और मुक्त व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
बैठक के दौरान पर्यटन, स्टार्टअप, डिजिटल भुगतान, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) तथा व्यापार सहयोग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत बनाने पर भी सहमति बनी। दोनों देशों का मानना है कि इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा होंगे और लोगों के बीच संपर्क भी मजबूत होगा।
भारत और मालदीव के बीच व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 771.76 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जबकि 2024-25 में यह 679.70 मिलियन अमेरिकी डॉलर था। इस प्रकार एक वर्ष में व्यापार में लगभग 13.54 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के लिए कई नए अवसर लेकर आएगा। इससे व्यापारिक बाधाएं कम होंगी, बाजार तक पहुंच आसान होगी, निवेश को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक सहयोग के नए आयाम खुलेंगे। साथ ही, यह समझौता क्षेत्रीय आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने और सतत विकास को गति देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
भारत और मालदीव फिलहाल एक व्यापक, संतुलित और पारस्परिक लाभ पर आधारित समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। आने वाले दौर की वार्ताओं से उम्मीद की जा रही है कि दोनों देश जल्द ही इस महत्वपूर्ण समझौते को अंतिम रूप देने में सफल होंगे।