Amit Shah Launches Bharat Taxi: मोबिलिटी सेक्टर में सहकारिता मॉडल की एंट्री
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Amit Shah Launches Bharat Taxi
अमित शाह ने गुजरात में सहकारिता आधारित ‘भारत टैक्सी’ का शुभारंभ किया।
7 लाख से अधिक सारथी और 37 लाख ग्राहक प्लेटफॉर्म से जुड़े।
अगले दो वर्षों में 500 से अधिक शहरों तक विस्तार की योजना।
Delhi / केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुजरात के गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी केंद्र में सहकारिता आधारित मोबिलिटी प्लेटफॉर्म ‘भारत टैक्सी’ का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य टैक्सी, ऑटो और दोपहिया वाहन चालकों को केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि सहकारी संस्था के भागीदार और मालिक के रूप में जोड़ना है। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, राज्य सरकार के कई मंत्री, सहकारिता क्षेत्र के वरिष्ठ प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में सारथी उपस्थित रहे।
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के मोबिलिटी क्षेत्र के लिए यह एक ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने बताया कि देश में परिवहन सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है और अब मोबिलिटी केवल चारपहिया वाहनों तक सीमित नहीं रही है। दोपहिया वाहन, ऑटो और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधन भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में ‘भारत टैक्सी’ सहकारिता के माध्यम से इस क्षेत्र को नई दिशा देने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि अन्य कंपनियां वाहन चलाने वालों को ड्राइवर मानती हैं, जबकि भारत टैक्सी उन्हें ‘सारथी’ कहती है। यह केवल संबोधन का अंतर नहीं बल्कि सोच का अंतर है। यहां सारथी केवल कर्मचारी नहीं, बल्कि संस्था के हिस्सेदार और मालिक हैं। इस मॉडल का मुख्य उद्देश्य सारथियों और ग्राहकों दोनों के हितों की रक्षा करना, शोषण को समाप्त करना और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करना है।
अमित शाह ने कहा कि पिछले वर्षों में ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं को लेकर कई शिकायतें सामने आईं। कहीं अत्यधिक कमीशन लिया गया, कहीं भुगतान में देरी हुई और कई मामलों में बिना उचित कारण के ड्राइवरों के खाते बंद कर दिए गए। उन्होंने कहा कि हर समस्या का समाधान कानून से नहीं होता, कई बार सही संस्थागत ढांचा भी आवश्यक होता है। इसी सोच से भारत टैक्सी की स्थापना की गई है।
उन्होंने अमूल, इफको और कृभको जैसी सफल सहकारी संस्थाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि सहकारिता मॉडल ने देश के लाखों लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है। अब इसी मॉडल को मोबिलिटी क्षेत्र में लागू किया जा रहा है। अमित शाह ने बताया कि एनसीडीसी, इफको, कृभको, एनडीडीबी, नाबार्ड, एनसीईएल और अमूल जैसी संस्थाओं ने मिलकर इस पहल को समर्थन दिया है।
गृह मंत्री ने जानकारी दी कि अब तक भारत टैक्सी के साथ 7 लाख से अधिक सारथी जुड़ चुके हैं और लगभग 37 लाख ग्राहक इसकी सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह प्लेटफॉर्म सारथियों को सम्मान, सुरक्षा और भविष्य में आर्थिक समृद्धि प्रदान करेगा। साथ ही उन्हें ऋण, बीमा और व्यवसाय विस्तार जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
अमित शाह ने कहा कि कुछ निजी कंपनियां अस्थायी रूप से किराए कम करके प्रतिस्पर्धा करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन भारत टैक्सी सेवा और सहकारिता की भावना के साथ लंबे समय तक टिके रहने वाली व्यवस्था है। उन्होंने सारथियों से अपील की कि वे अल्पकालिक लाभ के बजाय दीर्घकालिक सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता दें।
उन्होंने घोषणा की कि अगले डेढ़ से दो वर्षों में भारत टैक्सी देश के 500 से अधिक शहरों और कस्बों तक पहुंच जाएगी। नागपुर, पुणे, मुंबई, लखनऊ, जयपुर, चंडीगढ़ और कोलकाता सहित कई प्रमुख शहरों में इसकी सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को आगे बढ़ाते हुए भारत टैक्सी देश के परिवहन क्षेत्र में एक नई और न्यायपूर्ण व्यवस्था स्थापित करने का माध्यम बनेगी।