Kanpur Murder Case: प्रेम संबंधों के विवाद में पति की हत्या, 11 दिन बाद अस्पताल में टूटा जिंदगी का साथ
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प्रेम संबंधों के विवाद में पत्नी पर पति की हत्या का आरोप।
11 दिन अस्पताल में भर्ती रहने के बाद पति की मौत।
परिवार ने हत्या को पूर्व नियोजित साजिश बताया।
Kanpur / उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पत्नी पर अपने ही पति की हत्या करने का आरोप लगा है। यह घटना सिर्फ एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि रिश्तों में बढ़ती कड़वाहट और अविश्वास की दर्दनाक कहानी बनकर सामने आई है। आरोप है कि पत्नी ने अपने पति पर चाकू से हमला इसलिए किया क्योंकि वह उसे उसके कथित प्रेमी से बात करने से रोकता था।
मृतक मनीष कपूर कारोबारी थे और उन्होंने करीब नौ साल पहले निहारिका से प्रेम विवाह किया था। दोनों का एक छह साल का बेटा भी है। परिवार के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों से निहारिका का किसी अन्य युवक के साथ संबंध था, जिसका मनीष लगातार विरोध कर रहा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।
बताया जा रहा है कि 5 जून को हुए विवाद के दौरान निहारिका ने मनीष पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल मनीष किसी तरह थाने पहुंचे, जहां से पुलिस ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद वह 11 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते रहे, लेकिन आखिरकार इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मृतक के पिता रामकिशोर का आरोप है कि यह हत्या अचानक नहीं हुई, बल्कि पहले से रची गई साजिश का हिस्सा थी। उनका कहना है कि निहारिका कुछ दिन पहले ही मॉल से चाकू खरीदकर लाई थी। परिवार का दावा है कि इससे साफ होता है कि वह पहले से हत्या की योजना बना रही थी।
सबसे हैरान करने वाली बात यह बताई जा रही है कि गिरफ्तारी के बाद भी निहारिका ने कथित तौर पर कहा कि अगर मनीष अस्पताल से वापस लौट आते, तो वह उन्हें फिर मार देती। इस बयान ने पूरे मामले को और सनसनीखेज बना दिया है।
परिवार ने पुलिस पर भी लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि घटना के बावजूद मुकदमा दर्ज करने में करीब 10 दिन लग गए। रामकिशोर के अनुसार, पहले भी निहारिका ने दहेज उत्पीड़न की शिकायत की थी, लेकिन जांच में आरोप सही नहीं पाए गए थे और दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया गया था।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी निहारिका को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। वहीं मनीष की मौत के बाद परिवार गहरे सदमे में है। एक छह साल के मासूम बच्चे के सिर से पिता का साया उठ चुका है, जबकि पूरा परिवार अब न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है।