AI, क्वांटम और अंतरिक्ष तकनीक तय करेंगी भविष्य की दिशा: डॉ. जितेंद्र सिंह

Fri 26-Jun-2026,11:26 PM IST +05:30

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AI, क्वांटम और अंतरिक्ष तकनीक तय करेंगी भविष्य की दिशा: डॉ. जितेंद्र सिंह National Quantum Mission
  • डॉ. जितेंद्र सिंह ने AI, क्वांटम और अंतरिक्ष तकनीकों को भविष्य का आधार बताया।

  • राष्ट्रीय क्वांटम मिशन ने निर्धारित समय से पहले महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं।

  • 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार की अहम भूमिका होगी।

Delhi / Delhi :

Delhi / भारत तेजी से उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा प्रधानमंत्री कार्यालय, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष विभाग से जुड़े राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्वांटम तकनीक, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा आने वाले समय में दुनिया की आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक दिशा तय करेंगी। उनका मानना है कि जो देश इन क्षेत्रों में आगे बढ़ेंगे, वही भविष्य की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।

एक प्रमुख मीडिया सम्मेलन में बातचीत के दौरान डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत आज उन चुनिंदा देशों में शामिल हो रहा है जो अत्याधुनिक तकनीकों में तेजी से निवेश और विकास कर रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2023 में शुरू किए गए इस मिशन ने निर्धारित समय से पहले ही अपने आधे से अधिक लक्ष्यों को हासिल कर लिया है। यह उपलब्धि भारत की वैज्ञानिक क्षमता और अनुसंधान शक्ति का प्रमाण है।

उन्होंने बताया कि क्वांटम-सुरक्षित संचार के क्षेत्र में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है। यह तकनीक रक्षा, साइबर सुरक्षा, रणनीतिक संचार और संवेदनशील सूचनाओं की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसके अलावा भारत क्वांटम कंप्यूटिंग और अन्य उन्नत अनुसंधान क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे भविष्य में देश को तकनीकी बढ़त मिल सकती है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर चर्चा करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि यह तकनीक आने वाले वर्षों में शासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और अनुसंधान समेत लगभग हर क्षेत्र को प्रभावित करेगी। उन्होंने कहा कि भारत डिजिटल बुनियादी ढांचे, डेटा संसाधनों, कंप्यूटिंग क्षमता और ऊर्जा प्रणालियों को मजबूत बनाने में निवेश कर रहा है ताकि AI आधारित विकास को गति दी जा सके।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किए गए विभिन्न नीतिगत सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोलने से स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई ऊर्जा मिली है। वहीं परमाणु क्षेत्र में किए गए सुधार निवेश, तकनीकी सहयोग और क्षमता निर्माण के नए अवसर पैदा कर रहे हैं। उनका मानना है कि उन्नत कंप्यूटिंग और डेटा केंद्रों की बढ़ती मांग को पूरा करने में परमाणु ऊर्जा की भूमिका आने वाले समय में और महत्वपूर्ण होगी।

शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को उन्होंने एक परिवर्तनकारी पहल बताया। उनके अनुसार इस नीति ने छात्रों को पारंपरिक सीमाओं से बाहर निकलकर बहुविषयक शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार की ओर बढ़ने का अवसर दिया है। इससे वैज्ञानिक अनुसंधान की गुणवत्ता बेहतर होगी और देश को नई पीढ़ी के वैज्ञानिक, उद्यमी और तकनीकी विशेषज्ञ मिलेंगे।

डॉ. सिंह ने कहा कि भारत अब केवल सरकार आधारित नवाचार मॉडल तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा संस्थानों, उद्योगों, स्टार्टअप्स और निजी क्षेत्र को साथ लेकर एक मजबूत नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र विकसित कर रहा है। यही सहयोग भविष्य में भारत को तकनीकी और आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाएगा।

अपने संबोधन के अंत में उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे विज्ञान, अनुसंधान और नई तकनीकों के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षा, अनुसंधान, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और उभरती तकनीकों में हो रहे सुधार भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में मजबूत आधार प्रदान करेंगे और देश को दुनिया की अग्रणी नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करेंगे।