DRI का बड़ा एक्शन: 26 किलो कोकीन जब्त, 22 तस्कर गिरफ्तार
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
DRDO Action
DRI ने देशभर में कार्रवाई कर 26 किलो कोकीन जब्त की।
14 विदेशी नागरिकों सहित कुल 22 आरोपी गिरफ्तार।
कई राज्यों में फैले ड्रग्स तस्करी नेटवर्क पर एजेंसियों का बड़ा प्रहार।
Delhi / देश में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) को बड़ी सफलता मिली है। डीआरआई ने सूरत में 2 किलोग्राम कोकीन जब्त करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत कार्रवाई की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई नशीले पदार्थों की तस्करी और उसके नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है।
डीआरआई के अनुसार, पिछले एक महीने के दौरान देश के कई प्रमुख शहरों और परिवहन केंद्रों पर विशेष अभियान चलाए गए। मुंबई, दिल्ली, जयपुर, पटना, कोचीन और अहमदाबाद के हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों, कूरियर टर्मिनलों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर की गई कार्रवाई में कुल लगभग 26 किलोग्राम कोकीन बरामद की गई है। इन अभियानों के दौरान 14 विदेशी नागरिकों सहित कुल 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
जांच में सामने आया है कि तस्कर कोकीन की तस्करी के लिए लगातार नए-नए तरीके अपना रहे थे। कुछ मामलों में आरोपी नशीले पदार्थों से भरे कैप्सूल निगलकर उन्हें शरीर के अंदर छिपाकर ले जा रहे थे। इसके अलावा खाद्य पदार्थों, घरेलू सामान, कपड़ों और लगेज में भी कोकीन छिपाकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाई जा रही थी। इन तरीकों का उद्देश्य सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देना था, लेकिन डीआरआई की सतर्कता और तकनीकी निगरानी के चलते कई बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
अधिकारियों का कहना है कि समन्वित कार्रवाई के माध्यम से संगठित अंतरराष्ट्रीय और घरेलू तस्करी गिरोहों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। डीआरआई, सीमा शुल्क विभाग और अन्य एजेंसियां मिलकर ऐसे नेटवर्क की पहचान कर रही हैं, जो देश में नशीले पदार्थों की आपूर्ति और वितरण में शामिल हैं। इन अभियानों का उद्देश्य केवल तस्करों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि पूरे सप्लाई चेन को खत्म करना भी है।
गौरतलब है कि हर वर्ष 26 जून को ‘नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस’ मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 1987 में इस दिवस की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य नशीले पदार्थों के दुरुपयोग से होने वाले नुकसान के प्रति लोगों को जागरूक करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवैध ड्रग्स कारोबार के खिलाफ सहयोग को मजबूत बनाना है।
डीआरआई की हालिया कार्रवाई को देश में नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे ताकि युवाओं को नशे के जाल से बचाया जा सके और भारत सरकार के ‘नशा मुक्त भारत’ अभियान को मजबूती मिल सके।