राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन 2026: गांवों के विकास पर होगा राष्ट्रीय मंथन

Fri 26-Jun-2026,11:20 PM IST +05:30

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राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन 2026: गांवों के विकास पर होगा राष्ट्रीय मंथन National Rural Development Meet 2026
  • राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन 2026 में सभी राज्यों के मंत्री और अधिकारी शामिल होंगे।

  • ग्रामीण आवास, सड़क, आजीविका, महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास पर विशेष चर्चा।

  • AI और डिजिटल तकनीक के जरिए योजनाओं की पारदर्शिता और निगरानी को बढ़ावा देने पर जोर।

Delhi / Delhi :

Delhi / केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में 28 और 29 जून को नई दिल्ली के पूसा संस्थान स्थित भारत रत्न सी. सुब्रमण्यम ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन-2026 का आयोजन किया जाएगा। इस दो दिवसीय सम्मेलन में देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, नीति विशेषज्ञ और विभिन्न योजनाओं से जुड़े प्रतिनिधि भाग लेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य ग्रामीण भारत के समग्र विकास के लिए साझा रणनीति तैयार करना और केंद्र व राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि यह सम्मेलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन को गांवों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि “विकसित ग्राम, विकसित भारत” के लक्ष्य को वास्तविकता में बदलने के लिए सभी राज्यों के अनुभवों, नवाचारों और सुझावों को एक मंच पर लाना आवश्यक है। इसी सोच के साथ इस व्यापक राष्ट्रीय मंथन का आयोजन किया जा रहा है।

सम्मेलन में विकसित भारत-जी राम-जी (VB-GRAM-G) अधिनियम-2025 के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष चर्चा होगी। साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर योजनाओं की बेहतर योजना-निर्माण प्रक्रिया, संसाधनों के कुशल उपयोग और विकास कार्यक्रमों की निगरानी को लेकर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर और प्रभावी ढंग से पहुंचे।

इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY), दीनदयाल अंत्योदय राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM), राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) और ग्रामीण कौशल विकास कार्यक्रम जैसी प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। राज्यों को अपने अनुभव साझा करने और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सुझाव देने का अवसर भी मिलेगा।

सम्मेलन की एक खास विशेषता विभिन्न थीमैटिक और ब्रेकआउट सत्र होंगे। इनमें ग्रामीण आवास, सड़क संपर्क, रोजगार, कौशल विकास, सामाजिक सुरक्षा और आजीविका जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। विभिन्न राज्यों द्वारा अपनाए गए सफल मॉडल और नवाचारों को प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि अन्य राज्य भी उनसे सीख लेकर अपने क्षेत्रों में लागू कर सकें।

महिला सशक्तिकरण भी सम्मेलन का एक प्रमुख विषय रहेगा। ‘लखपति दीदी’ पहल के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय बढ़ाने, ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उपायों पर विशेष चर्चा होगी। इसके साथ ही युवाओं के कौशल विकास और उन्हें बाजार से जोड़ने के लिए नई रणनीतियों पर भी विचार किया जाएगा।

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि ग्रामीण विकास योजनाओं में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को भी प्राथमिकता दी जाएगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म, रियल-टाइम मॉनिटरिंग, डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया और पारदर्शिता बढ़ाने वाले तकनीकी समाधानों पर चर्चा होगी, जिससे योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी और जवाबदेह बन सके।

सम्मेलन के अंतिम दिन सभी राज्यों से प्राप्त सुझावों और चर्चाओं के आधार पर भविष्य की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। समापन सत्र में केंद्रीय मंत्री सम्मेलन के प्रमुख निष्कर्षों को साझा करेंगे और 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में ग्रामीण भारत की भूमिका को रेखांकित करेंगे।

इसके अलावा सम्मेलन के दौरान ग्रामीण विकास, जल सुरक्षा, ग्राम विकास योजनाओं, महिला सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन और सफलता की कहानियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रकाशनों का भी विमोचन किया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह सम्मेलन केवल समीक्षा का मंच नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के भविष्य को नई दिशा देने और विकास की गति तेज करने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा।