नशा मुक्त भारत सप्ताह 2026 में 1.31 करोड़ से अधिक लोगों ने लिया हिस्सा
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Nasha Mukt Bharat
नशा मुक्त भारत सप्ताह में 1.31 करोड़ से अधिक लोगों की भागीदारी।
हरिद्वार में राष्ट्रीय समापन समारोह और 4,000 लोगों की नशा मुक्ति रैली।
जनजागरूकता, सामुदायिक सहभागिता और युवा भागीदारी पर विशेष जोर।
Delhi / देश को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ को इस वर्ष व्यापक जनसमर्थन मिला है। 17 जून से 26 जून 2026 तक आयोजित ‘नशा मुक्त भारत सप्ताह’ के दौरान देशभर में 1.31 करोड़ से अधिक नागरिकों ने विभिन्न जागरूकता और सामुदायिक कार्यक्रमों में भाग लिया। यह अभियान मादक पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस (26 जून) के अवसर पर आयोजित किया गया था।
इस दस दिवसीय अभियान के दौरान देशभर में नशा मुक्ति मित्र पंजीकरण अभियान, सेमिनार, वेबिनार, जागरूकता रैलियां, नुक्कड़ नाटक, स्लोगन लेखन प्रतियोगिताएं, निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिताएं, योग सत्र, हस्ताक्षर अभियान और ई-प्रतिज्ञा कार्यक्रम जैसे अनेक आयोजन किए गए। इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा समाज में नशा विरोधी वातावरण तैयार करना था।
अभियान का समापन 26 जून को उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय (डीएसवीवी) में आयोजित एक भव्य राष्ट्रीय जन-जागरूकता कार्यक्रम के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार, देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रो वाइस चांसलर डॉ. चिन्मय पंड्या सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
समापन कार्यक्रम का सबसे प्रमुख आकर्षण नशा मुक्त रैली रही, जिसका नेतृत्व स्वयं केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने किया। इस रैली में लगभग 4,000 लोगों ने भाग लिया और नशे के खिलाफ एकजुट होकर संदेश दिया कि समाज को इस गंभीर समस्या से मुक्त करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को ‘नशा मुक्ति शपथ’ और ‘गरिमापूर्ण वृद्धावस्था शपथ’ भी दिलाई गई।
कार्यक्रम में छात्रों, युवाओं, स्वयंसेवकों, आध्यात्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों, उत्तराखंड सरकार के अधिकारियों और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इसके अलावा देशभर के राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधि, विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारी, नशा मुक्ति केंद्रों के संचालक और सामाजिक कार्यकर्ता भी इस कार्यक्रम से जुड़े।
इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग और अखिल विश्व गायत्री परिवार के बीच दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों का उद्देश्य नशा मुक्त भारत अभियान को और अधिक प्रभावी बनाना, सामुदायिक जागरूकता को बढ़ावा देना तथा वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों को मजबूत करना है। सरकार का मानना है कि समाज की सक्रिय भागीदारी के बिना नशे जैसी समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों, जिलों और संस्थानों द्वारा अभियान को सफल बनाने में किए गए उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की गई। ‘नशा मुक्ति मित्रों’ को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने और अभियान से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले हितधारकों को भी सम्मान प्रदान किया गया।
केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि नशा मुक्त भारत केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय जनआंदोलन है। उन्होंने सभी नागरिकों, शैक्षणिक संस्थानों, युवा संगठनों और सामाजिक संस्थाओं से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही “नशा मुक्त भारत, खुशहाल भारत” का सपना साकार किया जा सकता है।
नशा मुक्त भारत सप्ताह 2026 की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि जब सरकार और समाज मिलकर किसी लक्ष्य के लिए काम करते हैं, तो बड़े बदलाव संभव हो जाते हैं।