PMCH में बड़ी कार्रवाई: प्रभारी प्रिंसिपल हटाए गए, डॉ. गीता सिन्हा बनीं नई प्राचार्य

Thu 25-Jun-2026,11:06 PM IST +05:30

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PMCH में बड़ी कार्रवाई: प्रभारी प्रिंसिपल हटाए गए, डॉ. गीता सिन्हा बनीं नई प्राचार्य Patna Medical College
  • PMCH के प्रभारी प्रिंसिपल डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह को पद से हटाया गया।

  • स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के निरीक्षण के बाद हुई बड़ी कार्रवाई।

  • डॉ. गीता सिन्हा बनीं PMCH की नई प्रिंसिपल, अस्पताल सुधार पर जोर।

Bihar / Patna :

Patna / बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद निशांत कुमार ने अपना पहला बड़ा फैसला लेते हुए PMCH के प्रभारी प्राचार्य डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह को उनके अतिरिक्त प्रभार से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। उनकी जगह वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. गीता सिन्हा को नया प्रभारी प्रिंसिपल नियुक्त किया गया है। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा जगत में इसकी व्यापक चर्चा हो रही है।

यह कार्रवाई 23 जून को स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के अचानक किए गए निरीक्षण के बाद हुई। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की कई व्यवस्थाओं में गंभीर खामियां सामने आईं। सबसे बड़ी बात यह रही कि ड्यूटी के समय प्रभारी प्राचार्य डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह अस्पताल में मौजूद नहीं थे। मंत्री ने बैठक के लिए उन्हें कई बार फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। अधिकारियों के अनुसार उन्होंने न तो अवकाश लिया था और न ही किसी अन्य अधिकारी को अपना प्रभार सौंपा था।

स्वास्थ्य विभाग की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि निरीक्षण के समय डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह अपने निजी क्लीनिक में मौजूद थे। इतना ही नहीं, उनके क्लीनिक के बाहर स्वास्थ्य विभाग की सरकारी गाड़ी भी खड़ी मिली। विभाग ने इसे सरकारी संसाधनों के निजी उपयोग और प्रशासनिक लापरवाही का मामला माना। जांच रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने उन्हें PMCH के प्रभारी प्राचार्य पद के अतिरिक्त प्रभार से हटा दिया और राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, बेतिया के मनोरोग विभाग में प्रिंसिपल के पद पर उनकी नियुक्ति कर दी।

हालांकि डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री के निरीक्षण से पहले उनके साथ एक दुर्घटना हो गई थी, जिसमें गर्म पानी उनके पेट पर गिर गया था। इसी कारण वे अस्पताल नहीं पहुंच सके। उन्होंने दावा किया कि उनके पास इस घटना के चिकित्सीय प्रमाण मौजूद हैं और स्वस्थ होने के बाद वे स्वास्थ्य मंत्री तथा विभागीय अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विभाग ने बिना कोई स्पष्टीकरण मांगे सीधे कार्रवाई कर दी।

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने निरीक्षण के बाद कहा था कि अस्पताल में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने अधिकारियों को अस्पताल की व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि भी मौजूद थे। इसके बाद अस्पताल अधीक्षक प्रो. (डॉ.) राजीव कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारियों के साथ अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।

निरीक्षण के दौरान मरीजों और उनके परिजनों ने भी कई शिकायतें दर्ज कराईं। आरा निवासी बिरजू पासवान ने आरोप लगाया कि जब वे अपने भर्ती रिश्तेदार राजकुमार पासवान से मिलने पहुंचे तो सुरक्षा गार्डों ने उन्हें रोक दिया। विरोध करने पर उनके परिवार के साथ मारपीट की गई और महिला सदस्यों के साथ भी कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया। बिरजू पासवान का आरोप है कि गार्ड खुलेआम धमकी देते हैं कि शिकायत करने पर मरीज की छुट्टी करा देंगे और पुलिस भी उनकी मदद नहीं करेगी।

स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले को प्रशासनिक लापरवाही, कर्तव्यहीनता, सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग और अनधिकृत अनुपस्थिति का गंभीर मामला माना है। सरकार का कहना है कि अस्पतालों में जवाबदेही सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। PMCH में हुई यह कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग के सख्त रुख का संकेत मानी जा रही है।