WII सोसाइटी की 28वीं बैठक में भूपेंद्र यादव ने रखा विजन 2047 का रोडमैप, वन्यजीव संरक्षण पर जोर

Thu 09-Jul-2026,11:09 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

WII सोसाइटी की 28वीं बैठक में भूपेंद्र यादव ने रखा विजन 2047 का रोडमैप, वन्यजीव संरक्षण पर जोर Wildlife Institute of India
  • भूपेंद्र यादव ने वन्यजीव संरक्षण में वैज्ञानिक अनुसंधान की भूमिका पर जोर दिया।

  • मानव-वन्यजीव संघर्ष और तकनीक आधारित प्रबंधन को प्राथमिकता देने की बात कही गई।

  • ‘विकसित भारत @ 2047’ के अनुरूप WII के रोडमैप को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।

Delhi / Delhi :

Delhi / भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) सोसाइटी की 28वीं बैठक आज तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित सेंट्रल एकेडमी फॉर स्टेट फॉरेस्ट सर्विस (सीएएसएफओएस) में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा डब्ल्यूआईआई सोसाइटी के अध्यक्ष भूपेंद्र यादव ने की। इस वर्ष अप्रैल में पूर्व नामांकित सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद हाल ही में सोसाइटी का पुनर्गठन किया गया था और यह नई संरचना के तहत आयोजित पहली बैठक थी। नए सदस्यों का कार्यकाल अगले तीन वर्षों के लिए निर्धारित किया गया है।

बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने भारत की समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीव संपदा के संरक्षण में वैज्ञानिक अनुसंधान की अहम भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और ऐसे समय में वन्यजीव संरक्षण को आधुनिक विज्ञान, तकनीक और शोध के साथ जोड़ना बेहद आवश्यक है। उन्होंने डब्ल्यूआईआई से आग्रह किया कि वह अपने अनुसंधान, प्रशिक्षण और नीति-निर्माण से जुड़े कार्यक्रमों को ‘विकसित भारत @ 2047’ के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप आगे बढ़ाए।

मंत्री ने विशेष रूप से मानव-वन्यजीव संघर्ष, तकनीक आधारित वन्यजीव प्रबंधन और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों में मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष एक बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं, इसलिए इनके समाधान के लिए वैज्ञानिक और व्यावहारिक रणनीतियों पर काम करना जरूरी है। साथ ही, आधुनिक तकनीकों के उपयोग से वन्यजीव संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

बैठक में डब्ल्यूआईआई के निदेशक और सोसाइटी के सदस्य-सचिव डॉ. जी.एस. भारद्वाज ने संस्थान की उपलब्धियों और वर्तमान गतिविधियों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने स्थापना से लेकर अब तक संस्थान द्वारा किए गए महत्वपूर्ण अनुसंधानों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और संरक्षण परियोजनाओं की जानकारी साझा की। इसके साथ ही उन्होंने पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों पर हुई प्रगति और हाल ही में आयोजित पूर्व निदेशकों की बैठक से प्राप्त महत्वपूर्ण सुझावों की भी जानकारी दी।

इस महत्वपूर्ण बैठक में नए नामांकित और पदेन सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इनमें सांसद अतुल गर्ग और गुजरात सरकार में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री प्रवीन माली भी शामिल थे। इसके अलावा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, शिक्षाविद, संरक्षण विशेषज्ञ और देश के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले राज्य प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

बैठक के अंत में धन्यवाद प्रस्ताव के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस दौरान अगले तीन वर्षों के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान के वैज्ञानिक, अनुसंधान और संरक्षण संबंधी लक्ष्यों का खाका तैयार किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक देश में वन्यजीव संरक्षण को नई दिशा देने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।