BRICS Transport Meeting: गडकरी ने परिवहन सहयोग बढ़ाने का दिया संदेश

Sat 11-Jul-2026,11:48 PM IST +05:30

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BRICS Transport Meeting: गडकरी ने परिवहन सहयोग बढ़ाने का दिया संदेश BRICS Transport Meeting
  • गडकरी ने ब्रिक्स देशों के बीच परिवहन सहयोग बढ़ाने की अपील की।

  • हरित हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और डिजिटल परिवहन पर जोर दिया।

  • भारत की आधुनिक परिवहन परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे की उपलब्धियां साझा कीं।

Maharashtra / Nagpur :

Nagpur / केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में आयोजित तीसरी ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक में सदस्य देशों से परिवहन क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के पास अपनी सामूहिक शक्ति, नवाचार और साझेदारी के माध्यम से वैश्विक परिवहन व्यवस्था का भविष्य तय करने का अनूठा अवसर है। गडकरी ने सतत, लचीली, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार परिवहन प्रणालियों के निर्माण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत आयोजित इस बैठक में ब्रिक्स देशों के परिवहन मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों के सदस्य शामिल हुए। अपने उद्घाटन संबोधन में गडकरी ने कहा कि भारत की अध्यक्षता का विषय "लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" है, जो ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स दुनिया की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है और इसलिए वैश्विक स्तर पर परिवहन क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने की बड़ी क्षमता रखता है।

गडकरी ने परिवहन को किसी भी देश की आर्थिक प्रगति की रीढ़ बताते हुए भारत में सड़क, रेल, समुद्री और विमानन क्षेत्रों में हुए तेज विकास का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क विकसित किया है और एक्सप्रेसवे, आर्थिक गलियारों तथा मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी परियोजनाओं के माध्यम से संपर्क व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा, सोनमर्ग सुरंग और 10 हजार किलोमीटर से अधिक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाएं इसका उदाहरण हैं।

रेलवे क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ब्रॉड गेज नेटवर्क का लगभग पूर्ण विद्युतीकरण, वंदे भारत ट्रेनों का विस्तार, मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना और नए पंबन ब्रिज जैसी उपलब्धियां भारत के आधुनिक परिवहन दृष्टिकोण को दर्शाती हैं। इसके साथ ही समुद्री क्षेत्र में मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047, ई-नाविक और ई-समुद्र जैसी डिजिटल पहलों ने बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया है।

सतत विकास पर जोर देते हुए गडकरी ने बताया कि भारत इलेक्ट्रिक वाहनों, ग्रीन अर्बन मोबिलिटी, वैकल्पिक ईंधन और स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान ने विभिन्न परिवहन माध्यमों को एकीकृत कर बुनियादी ढांचा विकास की गति को नई दिशा दी है। इससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आई है और लॉजिस्टिक्स लागत कम हुई है।

सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को भी उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने सड़क निर्माण में पुनर्चक्रित प्लास्टिक, फ्लाई ऐश, स्टील स्लैग, पुराने टायर और बांस आधारित क्रैश बैरियर जैसे नवाचारों का उल्लेख किया। साथ ही सड़क दुर्घटना पीड़ितों के नकद रहित उपचार के लिए शुरू की गई योजनाओं की भी जानकारी दी।

अपने संबोधन के अंत में गडकरी ने कहा कि ब्रिक्स देशों को बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण, यातायात प्रबंधन, सड़क सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण और अंतिम छोर तक संपर्क जैसी साझा चुनौतियों का समाधान मिलकर खोजना होगा। उन्होंने हरित हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक परिवहन, डिजिटल तकनीक और मल्टीमॉडल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। गडकरी ने विश्वास जताया कि इस बैठक के निष्कर्ष ब्रिक्स देशों के बीच परिवहन सहयोग को नई मजबूती देंगे और दुनिया के लिए अधिक टिकाऊ तथा आधुनिक परिवहन व्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।