जल जीवन मिशन 2.0 के तहत सिक्किम और केंद्र के बीच समझौता, ग्रामीण जल आपूर्ति को मिलेगी नई मजबूती

Tue 09-Jun-2026,11:09 PM IST +05:30

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जल जीवन मिशन 2.0 के तहत सिक्किम और केंद्र के बीच समझौता, ग्रामीण जल आपूर्ति को मिलेगी नई मजबूती Jal Jeevan Mission
  • जल जीवन मिशन 2.0 के तहत सिक्किम और केंद्र सरकार के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर।

  • ग्रामीण जल आपूर्ति, जल गुणवत्ता और स्रोत संरक्षण पर विशेष जोर।

  • ग्राम पंचायत आधारित जल प्रबंधन से बढ़ेगी दीर्घकालिक जल सुरक्षा।

Delhi / Delhi :

Delhi / ग्रामीण भारत में सुरक्षित और सतत पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (डीडीडब्ल्यूएस) ने सिक्किम सरकार के साथ सुधार आधारित समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य जल जीवन मिशन 2.0 के तहत ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणाली को और अधिक मजबूत, टिकाऊ तथा समुदाय-केंद्रित बनाना है।

नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग की उपस्थिति में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। कार्यक्रम में जल शक्ति मंत्रालय और सिक्किम सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

यह समझौता केवल नई पाइपलाइन या जल संरचनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में दीर्घकालिक और विश्वसनीय जल सेवा सुनिश्चित करना है। इसके तहत ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को अधिक जिम्मेदारी और अधिकार दिए जाएंगे, ताकि स्थानीय स्तर पर जल आपूर्ति प्रणालियों का बेहतर संचालन और रखरखाव किया जा सके।

केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किया गया जल जीवन मिशन ग्रामीण भारत में एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर आया है। इस मिशन ने विशेष रूप से महिलाओं और लड़कियों को राहत पहुंचाई है, जिन्हें पहले पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन 2.0 का मुख्य लक्ष्य केवल हर घर तक नल का कनेक्शन पहुंचाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि लोगों को नियमित रूप से पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण पेयजल मिलता रहे।

उन्होंने सिक्किम द्वारा मिशन के तहत हासिल की गई उपलब्धियों की सराहना करते हुए जिला स्तर पर जल सेवा आकलन और सुधार योजनाओं को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। मंत्री ने राज्य सरकार से संचालन एवं रखरखाव नीति को जल्द अधिसूचित करने तथा सुजल ग्राम आईडी और सुजलम भारत आईडी के निर्माण को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का आग्रह भी किया।

सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने कहा कि भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण और पर्वतीय राज्य होने के बावजूद सिक्किम ने जल जीवन मिशन के लक्ष्यों को गंभीरता से लागू किया है। उन्होंने बताया कि कठिन भूभाग, दूर-दराज की बस्तियों और ऊंची निर्माण लागत जैसी चुनौतियों के बावजूद राज्य ने ग्रामीण जल आपूर्ति नेटवर्क का व्यापक विस्तार और आधुनिकीकरण किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समझौता राज्य में कार्यात्मक नल जल कनेक्शनों के विस्तार और जल स्रोतों की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने भारत सरकार के साथ मिलकर हर ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित और भरोसेमंद पेयजल पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

डीडीडब्ल्यूएस के सचिव अशोक के.के. मीना ने कहा कि यह समझौता जल जीवन मिशन 2.0 के नए चरण की शुरुआत है, जहां बुनियादी ढांचे के साथ-साथ सेवा की गुणवत्ता और स्थिरता पर भी बराबर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन और पंचायतों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि नियमित निगरानी, सामुदायिक भागीदारी और स्थानीय स्वामित्व से ही ग्रामीण जल आपूर्ति व्यवस्था को लंबे समय तक सफल बनाया जा सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सिक्किम और केंद्र सरकार के बीच यह समझौता जल जीवन मिशन 2.0 के लक्ष्यों को मजबूत आधार देगा और ग्रामीण भारत में जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण साबित होगा।