खेत बचाओ अभियान पर शिवराज सिंह का जोर, किसानों को दी टिकाऊ खेती की सलाह

Tue 30-Jun-2026,11:23 PM IST +05:30

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खेत बचाओ अभियान पर शिवराज सिंह का जोर, किसानों को दी टिकाऊ खेती की सलाह Khet Bachao Abhiyan
  • शिवराज सिंह चौहान ने टिकाऊ और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की अपील की।

  • किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग और मिट्टी परीक्षण की सलाह दी गई।

  • खेत बचाओ अभियान को दीर्घकालिक राष्ट्रीय मिशन के रूप में आगे बढ़ाने का संकल्प।

Haryana / Rewari District :

Rewari / हरियाणा के रेवाड़ी जिले के बावल स्थित कृषि महाविद्यालय में आयोजित “खेत बचाओ अभियान” के समापन समारोह और हरियाणा एफपीओ मिशन के शुभारंभ कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को टिकाऊ खेती, संतुलित उर्वरक उपयोग और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद रहे।

अपने संबोधन में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का किसान समृद्ध और आत्मनिर्भर बनेगा। उन्होंने हरियाणा सरकार की कृषि नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में 24 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दिया जा रहा है। साथ ही भावांतर भुगतान योजना और बागवानी फसलों के लिए विशेष प्रोत्साहन किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने “मेरी फसल, मेरा ब्यौरा” और “मेरा पानी, मेरी विरासत” जैसी योजनाओं को देश के लिए प्रेरणादायक बताया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक समय था जब भारत को विदेशों से गेहूं आयात करना पड़ता था, लेकिन आज देश खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बन चुका है। उन्होंने बताया कि भारत चावल उत्पादन में दुनिया में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है और इसमें हरियाणा के किसानों का महत्वपूर्ण योगदान है।

शिवराज सिंह चौहान ने खेती में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि असंतुलित खाद और कीटनाशकों के प्रयोग से मिट्टी की उर्वरता लगातार घट रही है। किसानों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि मिट्टी परीक्षण के आधार पर ही उर्वरकों का इस्तेमाल करें और जरूरत से अधिक यूरिया या डीएपी का प्रयोग न करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति जारी रही तो भविष्य में मिट्टी की उत्पादकता पर गंभीर असर पड़ सकता है।

उन्होंने आधुनिक तकनीक के महत्व पर भी जोर दिया और बताया कि सरकार ऐसी व्यवस्था विकसित कर रही है, जिससे किसान मोबाइल ऐप के माध्यम से अपने खेत की मिट्टी की स्थिति और आवश्यक उर्वरकों की जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकेंगे। इससे खेती अधिक वैज्ञानिक और लाभकारी बनेगी।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने किसानों को सलाह दी कि वे अपने खेत के एक हिस्से में प्राकृतिक खेती का प्रयोग अवश्य करें। उन्होंने कहा कि इससे मिट्टी की गुणवत्ता सुधरेगी, जैव विविधता बढ़ेगी और रासायनिक निर्भरता कम होगी। उन्होंने यह भी बताया कि अत्यधिक रसायनों के कारण खेतों में मौजूद लाभकारी सूक्ष्म जीव और केंचुए तेजी से कम हो रहे हैं, जो खेती के लिए चिंता का विषय है।

जलवायु परिवर्तन और संभावित अल-नीनो प्रभाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कम वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए कम पानी में तैयार होने वाली फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने हरियाणा सरकार द्वारा धान की जगह दलहन फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति एकड़ 8,000 रुपये की सहायता को किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया।

कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि “खेत बचाओ अभियान” केवल एक अभियान नहीं बल्कि एक दीर्घकालिक मिशन है। उन्होंने घोषणा की कि वे कृषि मंत्री के रूप में हर सप्ताह किसी न किसी राज्य में किसानों के बीच जाकर इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे। अंत में उन्होंने किसानों से संतुलित उर्वरक उपयोग, मिट्टी संरक्षण और टिकाऊ खेती का संकल्प लेने का आह्वान किया, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए कृषि और पर्यावरण दोनों सुरक्षित रह सकें।