4399 दिन पूरे: NDA ने मोदी के 12 साल के नेतृत्व का प्रस्ताव पारित

Thu 11-Jun-2026,12:59 AM IST +05:30

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4399 दिन पूरे: NDA ने मोदी के 12 साल के नेतृत्व का प्रस्ताव पारित NDA की बैठक में PM मोदी के 12 साल के कार्यकाल को लेकर प्रस्ताव पास
  • भारत मंडपम में आयोजित NDA बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के नेतृत्व, स्थिर सरकार और विकास कार्यों की सराहना का प्रस्ताव पारित हुआ।

  • 4399 दिनों का कार्यकाल पूरा कर नरेंद्र मोदी ने निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे कार्यकाल का नया रिकॉर्ड स्थापित किया।

  • एनडीए नेताओं ने पारदर्शिता, सुशासन, आर्थिक विकास और वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका को प्रधानमंत्री के नेतृत्व की प्रमुख उपलब्धियां बताया।

Delhi / New Delhi :

दिल्ली/ स्वतंत्र भारत के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव तब दर्ज हुआ जब प्रधानमंत्री Narendra Modi निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे समय तक पद पर बने रहने वाले नेता बन गए। इस अवसर पर नई दिल्ली स्थित Bharat Mandapam में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के नेतृत्व, सरकार की स्थिरता, पारदर्शिता और विकास कार्यों की सराहना करते हुए एक विशेष प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।

भारत मंडपम में जुटे NDA के शीर्ष नेता

बैठक में एनडीए के विभिन्न घटक दलों के वरिष्ठ नेताओं और मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री N. Chandrababu Naidu ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने राजनीतिक स्थिरता, तेज आर्थिक विकास और वैश्विक स्तर पर बढ़ती प्रतिष्ठा का अनुभव किया है।

इस प्रस्ताव का समर्थन नागालैंड के मुख्यमंत्री Neiphiu Rio ने किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने समावेशी विकास और क्षेत्रीय संतुलन की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास किए हैं।

4399 दिनों का कार्यकाल, नया रिकॉर्ड

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कार्यकाल के 4399 दिन पूरे कर एक नया राजनीतिक रिकॉर्ड स्थापित किया है। इसके साथ ही उन्होंने स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह लगातार जनादेश और लोकतांत्रिक समर्थन का प्रतीक है। बैठक में मौजूद नेताओं ने इसे देश की राजनीतिक स्थिरता और लोकतांत्रिक परिपक्वता का संकेत बताया।

बैठक में दिखा अनौपचारिक माहौल

बैठक की शुरुआत अपेक्षाकृत अनौपचारिक माहौल में हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने उपस्थित नेताओं के साथ झालमुड़ी साझा की और सभी नेताओं ने उन्हें इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी। इस दौरान कई नेताओं ने उनके नेतृत्व में हुए विकास कार्यों और नीतिगत सुधारों का उल्लेख किया।

बैठक में देश की आर्थिक प्रगति, बुनियादी ढांचे के विस्तार, डिजिटल परिवर्तन, सामाजिक कल्याण योजनाओं और वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका पर भी चर्चा हुई।

स्थिरता और विकास पर जोर

पारित प्रस्ताव में कहा गया कि पिछले 12 वर्षों में देश ने कई चुनौतियों का सामना करते हुए विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। एनडीए नेताओं ने सरकार की पारदर्शी कार्यशैली, निर्णायक नेतृत्व और सुशासन मॉडल की सराहना की।

बैठक का मुख्य संदेश यह रहा कि गठबंधन भविष्य में भी विकास, सुशासन और राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है।