अंकिता भंडारी केस:13 जिलों में प्रदर्शन तेज

Tue 06-Jan-2026,03:58 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

अंकिता भंडारी केस:13 जिलों में प्रदर्शन तेज aAnkita-Bhandari-Case-Protest-CBI-Demand-Uttarakhand
  • CM Pushkar Singh Dhami की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले उत्तराखंड की राजनीति में हलचल, बड़े ऐलान की अटकलें तेज।

  • कोर्ट से सजा के बावजूद अंकिता हत्याकांड में VIP एंगल की जांच न होने से जनता में असंतोष बरकरार।

Uttarakhand / Dehradun :

Uttrakhand/ उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर जनआक्रोश चरम पर पहुंच गया है। राज्य के 13 जिलों में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं और लोग कथित ‘VIP’ का नाम सार्वजनिक करने तथा उसकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। सड़कों पर उतरते विरोध-प्रदर्शनों ने सरकार पर जबरदस्त दबाव बना दिया है।

इसी बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा आज प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक और सामाजिक संगठनों को उम्मीद है कि इस दौरान सरकार कोई बड़ा फैसला ले सकती है, खासकर CBI जांच को लेकर।

CBI जांच की बढ़ी उम्मीद

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री धामी इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में बहुप्रतीक्षित CBI जांच का ऐलान कर सकते हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लंबे समय से इस मामले की केंद्रीय जांच की मांग कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि स्थानीय जांच में कई अहम तथ्यों को नजरअंदाज किया गया और कथित VIP एंगल को दबाने की कोशिश की गई।

कोर्ट के फैसले के बाद भी शांत नहीं हुआ गुस्सा

गौरतलब है कि कोटद्वार कोर्ट द्वारा इस हत्याकांड के तीनों आरोपियों को सजा सुनाए जाने के सात महीने बाद भी जनता का आक्रोश कम नहीं हुआ है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती और VIP की भूमिका स्पष्ट नहीं होती, तब तक न्याय अधूरा है।

सड़कों पर उतरा पूरा समाज

देहरादून, गढ़वाल और कुमाऊं समेत राज्य के कई हिस्सों में प्रदर्शन जारी हैं। इन आंदोलनों में राजनीतिक दलों के साथ-साथ सामाजिक संगठन, महिला समूह और आम नागरिक मंच भी सक्रिय हैं। कहीं नारेबाजी हो रही है तो कहीं शांतिपूर्ण मौन प्रदर्शन के जरिए विरोध दर्ज कराया जा रहा है।

सत्ता बनाम विपक्ष

जहां विपक्ष सरकार पर VIP को बचाने का आरोप लगा रहा है, वहीं भाजपा इसे राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बता रही है। सरकार का कहना है कि दोषियों को सजा मिल चुकी है और किसी को भी संरक्षण नहीं दिया गया।

सबकी निगाहें प्रेस कॉन्फ्रेंस पर

अब पूरे प्रदेश की नजरें मुख्यमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं। CBI जांच का ऐलान आंदोलन को नई दिशा दे सकता है, जबकि चुप्पी आंदोलन को और उग्र बना सकती है।