जयपुर पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड: 8 मौतों के बाद बड़ा एक्शन, SHO समेत 9 पुलिसकर्मी सस्पेंड
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Jaipur Fire Incident
जयपुर अग्निकांड में 8 लोगों की मौत, कई घायल।
SHO सहित 9 पुलिसकर्मी सस्पेंड, जांच तेज।
5 अवैध फैक्ट्री-गोदाम सील, भारी मात्रा में बारूद बरामद।
Jaipur / राजस्थान की राजधानी जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। इस दर्दनाक हादसे में एक बच्चे समेत 8 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं, जिसके चलते खोह नागोरियान थाना प्रभारी (SHO) ओमप्रकाश मातवा सहित कुल 9 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
मंगलवार सुबह करीब 11 बजे करीम नगर-बी स्थित एक मकान में संचालित अवैध पटाखा फैक्ट्री में अचानक आग लग गई थी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और फैक्ट्री में मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए। हादसे में एक बच्चे और दो सगे भाइयों सहित कुल 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। कई घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
घटना के बाद सामने आए एक वीडियो ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। वीडियो में दो युवक गंभीर रूप से झुलसी हालत में फैक्ट्री के बाहर मदद की गुहार लगाते दिखाई दे रहे हैं। उनमें से एक युवक लोगों से बार-बार कह रहा था, “मुझे अस्पताल ले चलो, नहीं तो मैं मर जाऊंगा।” यह दृश्य हादसे की भयावहता को बयां करता है।
जांच में सामने आया है कि जिस मकान में फैक्ट्री चल रही थी, वह याकूब और उसके बड़े भाई कयूम का है। दोनों खोह नागोरियान क्षेत्र के रहीम नगर सेकंड में रहते हैं और इलाके में प्रभावशाली लोगों में गिने जाते हैं। बताया जा रहा है कि याकूब स्थानीय स्तर पर भूमाफिया के रूप में भी जाना जाता है। हादसे के बाद से याकूब और फैक्ट्री संचालक फिरोज फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
हादसे के बाद जयपुर पुलिस ने इलाके में चल रही अन्य अवैध पटाखा फैक्ट्रियों और गोदामों के खिलाफ अभियान शुरू किया। रातभर चली कार्रवाई में अब तक 5 फैक्ट्री और गोदामों को सील किया जा चुका है। छापेमारी के दौरान तीन स्थानों से भारी मात्रा में बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई, जिसे अवैध रूप से संग्रहित किया गया था।
प्रारंभिक जांच में पुलिस की लापरवाही सामने आने पर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए SHO ओमप्रकाश मातवा, हेड कॉन्स्टेबल अशोक, कॉन्स्टेबल रामावतार, दिनेश, आसिफ, हरेन्द्र और अशोक को निलंबित कर दिया। इससे पहले डीसीपी (ईस्ट) रंजीता शर्मा ने ASI अमर सिंह और हेड कॉन्स्टेबल पप्पू राम को भी सस्पेंड किया था।
फिलहाल मामले की विस्तृत जांच अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम) को सौंपी गई है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि अवैध फैक्ट्री इतने लंबे समय से कैसे संचालित हो रही थी और स्थानीय अधिकारियों ने इस पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की। इस हादसे ने एक बार फिर अवैध पटाखा उद्योग और प्रशासनिक निगरानी की कमी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।