बिहार नाव हादसा: 13 बच्चों की मौत के बाद बड़ा एक्शन, CO दीपक कुमार हटाए गए

Fri 16-Oct-2026,11:14 AM IST +05:30

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बिहार नाव हादसा: 13 बच्चों की मौत के बाद बड़ा एक्शन, CO दीपक कुमार हटाए गए Bihar Boat Accident
  • वैशाली के राघोपुर में नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत के बाद प्रशासनिक कार्रवाई।

  • जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने दीपक कुमार को हटाकर जन शिकायत कोषांग में भेजा।

  • नाव परिचालन की निगरानी और प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठे।

Bihar / Patna :

Patna / बिहार के वैशाली में नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत के बाद प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। जिस अधिकारी पर पहले भी लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप लगे थे, उन्हें एक बार फिर जिम्मेदारी से हटाया गया है। आखिर पूरा मामला क्या है?

बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड में नाव हादसे के बाद जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। रामपुर श्यामचंद पंचायत में मंगलवार को हुए इस हादसे में 13 बच्चों की मौत के बाद जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने तत्कालीन अंचलाधिकारी दीपक कुमार को राघोपुर के पदभार से हटा दिया है। हालांकि, प्रशासनिक आदेश में इस बदलाव को कार्यालयीय कार्यों के सुचारू संचालन से भी जोड़ा गया है।

जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, पातेपुर के अंचलाधिकारी प्रभात को उनके मौजूदा दायित्वों के साथ राघोपुर अंचलाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उन्हें तत्काल जिम्मेदारी संभालने और अंचल से जुड़े काम समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

वहीं, दीपक कुमार को अगले आदेश तक वैशाली जिला जन शिकायत कोषांग में प्रतिनियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

गौरतलब है कि नाव हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने दीपक कुमार पर लापरवाही के आरोप लगाए थे। ग्रामीणों का कहना था कि बाढ़ का पानी उतरने के दौरान नावों के परिचालन की पर्याप्त निगरानी नहीं की गई। घटना के बाद जिलाधिकारी ने उनका वेतन रोकने और स्पष्टीकरण मांगने की कार्रवाई भी की थी।

लेकिन दीपक कुमार से जुड़ा विवाद केवल इसी घटना तक सीमित नहीं है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 2 अप्रैल 2026 को भी जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने कर्तव्यहीनता और अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते उन्हें तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर जिला जन शिकायत कोषांग में योगदान देने का निर्देश दिया था। उस समय राजस्व अधिकारी राजीव रंजन चौधरी को राघोपुर का अंचलाधिकारी बनाया गया था।

दीपक कुमार पर आरोप था कि निर्देशों के बावजूद वे कार्यों में रुचि नहीं लेते थे, बिना अनुमति मुख्यालय से अनुपस्थित रहते थे और प्रशासनिक आदेशों का पालन नहीं करते थे। हालांकि, इन आरोपों को संबंधित अधिकारी का दोष सिद्ध होना नहीं माना जाना चाहिए।

इसके अलावा, रुस्तमपुर थाना क्षेत्र में भूमि विवाद के दौरान दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें 15 लोग घायल हुए थे। बताया गया कि उस समय दीपक कुमार की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठे थे।

वर्ष 2025 में राघोपुर में बाढ़ राहत वितरण को लेकर भी ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रदर्शन किया था। खाद्य सामग्री, पॉलीथिन वितरण और अनुग्रह राशि यानी जीआर भुगतान में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए थे। प्रदर्शनकारियों का दावा था कि कुछ पात्र परिवार सहायता से वंचित रह गए, जबकि एक ही परिवार के कई सदस्यों के खातों में राशि भेजी गई। इन आरोपों की स्थिति और निष्कर्षों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

फिलहाल, 13 बच्चों की मौत के बाद प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नाव हादसे की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाता है।