Uttarakhand News: कर्णप्रयाग गुरुद्वारा विवाद के बाद बढ़ी सुरक्षा

Sat 20-Jun-2026,11:01 PM IST +05:30

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Uttarakhand News: कर्णप्रयाग गुरुद्वारा विवाद के बाद बढ़ी सुरक्षा Karnprayag News
  • कर्णप्रयाग में गुरुद्वारे से जुड़े विवाद के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी।

  • क्षेत्र में बीएनएसएस की धारा 163 लागू, कई गतिविधियों पर प्रतिबंध।

  • प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की।

Uttarakhand / Dehradun :

Karnaprayag / उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में शनिवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब नगरासू गुरुद्वारे को लेकर विवाद की खबर सामने आई। जानकारी के अनुसार, हेमकुंड साहिब यात्रा पर आए कुछ निहंग सिक्खों के गुरुद्वारे की छत पर चढ़ने और परिसर पर कब्जा जमाने की सूचना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि विवाद के दौरान गुरुद्वारे के सेवादार और एक बाबा के साथ मारपीट भी की गई। हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सभी पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की गई है।

प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों या अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

इस बीच, 16 जून को कर्णप्रयाग मुख्य बाजार में हुई एक अन्य घटना के बाद प्रशासन पहले से ही सतर्क था। इसी को देखते हुए परगना क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। यह आदेश 20 जून की शाम 7 बजे से 27 जून तक प्रभावी रहेगा।

धारा 163 लागू होने के बाद क्षेत्र में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने, धरना-प्रदर्शन करने, रैली आयोजित करने, हथियार लेकर चलने और भड़काऊ नारेबाजी करने पर प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने साफ किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस और प्रशासन का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी भी तरह की सांप्रदायिक या सामाजिक तनाव की स्थिति को रोकना और क्षेत्र में शांति एवं सौहार्द बनाए रखना है। फिलहाल हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

कर्णप्रयाग की इस घटना ने स्थानीय लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन उम्मीद कर रहा है कि सभी पक्ष संयम बरतेंगे और शांति बनाए रखने में सहयोग करेंगे, ताकि क्षेत्र में सामान्य स्थिति जल्द पूरी तरह बहाल हो सके।