ममता बनर्जी के आवास पहुंची CID टीम, अभिषेक बनर्जी को नोटिस देने की चर्चा; TMC में बढ़ा सियासी घमासान

Tue 09-Jun-2026,10:13 PM IST +05:30

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ममता बनर्जी के आवास पहुंची CID टीम, अभिषेक बनर्जी को नोटिस देने की चर्चा; TMC में बढ़ा सियासी घमासान TMC News
  • सीआईडी टीम ममता बनर्जी के आवास और टीएमसी कार्यालय पहुंची।

  • कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में अभिषेक बनर्जी से जुड़ी जांच जारी।

  • विपक्ष के नेता के चयन को लेकर टीएमसी में अंदरूनी कलह तेज।

West Bengal / Kolkata :

Kolkata / पश्चिम बंगाल की राजनीति में मंगलवार को उस समय हलचल मच गई जब राज्य की सीआईडी (क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट) की एक टीम मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के पास पहुंची। जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसी की टीम तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी से जुड़े एक मामले में नोटिस देने और जांच से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए पहुंची थी। उस समय ममता बनर्जी दिल्ली दौरे पर थीं और कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी से मुलाकात के लिए उनके आवास गई हुई थीं।

सूत्रों के मुताबिक, सीआईडी अधिकारियों के साथ कालीघाट पुलिस थाने की टीम और महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद थीं। जांच टीम तृणमूल कांग्रेस के केंद्रीय कार्यालय 30बी हरीश चटर्जी मार्ग पहुंची, जहां उन्होंने एक विशेष मामले में सहयोग मांगा। यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता के चयन से जुड़ा हुआ है और कथित तौर पर कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों में गड़बड़ी के आरोपों की जांच की जा रही है।

दरअसल, 19 मई को विधानसभा सचिवालय में एक पत्र जमा किया गया था, जिसमें वरिष्ठ नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता बनाए जाने की मांग की गई थी। इस पत्र पर लगभग 70 विधायकों के हस्ताक्षर होने का दावा किया गया था। बाद में तृणमूल कांग्रेस के बागी विधायक रिताब्रता बनर्जी और संदीपन साहा ने आरोप लगाया कि पत्र पर मौजूद कुछ हस्ताक्षर फर्जी थे। शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज किया गया और सीआईडी ने जांच शुरू कर दी।

सीआईडी अधिकारियों का कहना है कि अभिषेक बनर्जी ने अपने जवाब में बताया था कि संबंधित विधायकों के हस्ताक्षर पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में लिए गए थे। इसी जानकारी के आधार पर जांच एजेंसी वहां पहुंची और परिसर की तलाशी लेने की अनुमति मांगी। हालांकि, पार्टी नेताओं ने अभिषेक बनर्जी की अनुपस्थिति का हवाला देते हुए तलाशी की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद शुभाशीष चक्रवर्ती ने कहा कि पार्टी को जांच से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अभिषेक बनर्जी की गैरमौजूदगी में कार्यालय में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती। उनका कहना था कि जब अभिषेक बनर्जी उपलब्ध होंगे, तब जांच एजेंसी को पूरा सहयोग दिया जाएगा।

इस बीच, पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता के चयन को लेकर तृणमूल कांग्रेस के भीतर बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है। रिपोर्टों के अनुसार, पार्टी के कई विधायकों ने आधिकारिक उम्मीदवार शोभनदेब चट्टोपाध्याय के बजाय निष्कासित विधायक रिताब्रता बनर्जी का समर्थन किया। बताया जा रहा है कि करीब 58 विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर रिताब्रता के पक्ष में रुख अपनाया, जिससे पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम तृणमूल कांग्रेस के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। वहीं विपक्ष इस पूरे मामले को पार्टी के अंदरूनी संघर्ष का परिणाम बता रहा है। अब सबकी नजरें सीआईडी जांच, पार्टी नेतृत्व की अगली रणनीति और विधानसभा में आगे होने वाले घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।