Catch the Rain 2026: पीएम मोदी के आह्वान पर जल संरक्षण अभियान को मिली नई गति
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Catch the Rain Campaign 2026
प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर 4 जुलाई से 4 अगस्त 2026 तक देशभर में 'कैच द रेन' अभियान चलाया गया।
वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण और वृक्षारोपण पर विशेष जोर।
जनभागीदारी, वैज्ञानिक योजना और स्थानीय सहयोग से जल सुरक्षा को मजबूत करने की पहल।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देशभर में जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने 4 जुलाई से 4 अगस्त 2026 तक 'कैच द रेन' अभियान को विशेष रूप से चलाया। यह अभियान प्रधानमंत्री के 28 जून 2026 को प्रसारित 'मन की बात' के 135वें संस्करण में वर्षा जल की प्रत्येक बूंद को संरक्षित करने की अपील के बाद शुरू किया गया। इसका उद्देश्य वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, पारंपरिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन, वृक्षारोपण और जनभागीदारी को बढ़ावा देना है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि वर्षा जल की हर बूंद को बचाना देश की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से अपने घरों, आवासीय परिसरों और कार्यस्थलों पर वर्षा जल संचयन प्रणाली अपनाने, रिचार्ज पिट और रिचार्ज शाफ्ट बनाने, अनुपयोगी बोरवेलों को पुनर्जीवित करने तथा तालाबों, कुओं और बावड़ियों जैसे पारंपरिक जल स्रोतों को पुनः उपयोग योग्य बनाने का आग्रह किया।
जल संरक्षण को मजबूत करने के लिए सरकार पहले से ही 'जल संचय जन भागीदारी' (JSJB) अभियान चला रही है। इसका पहला चरण 6 सितंबर 2024 को गुजरात के सूरत से शुरू हुआ था। समुदाय, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) और कम लागत वाले समाधानों पर आधारित इस अभियान के तहत भूजल पुनर्भरण और जल भंडारण संरचनाओं का बड़े पैमाने पर निर्माण किया गया। निर्धारित 10 लाख संरचनाओं के लक्ष्य के मुकाबले 27 लाख से अधिक कृत्रिम भूजल पुनर्भरण संरचनाएं तैयार की गईं, जो इस अभियान की बड़ी सफलता मानी गई।
पहले चरण की सफलता के बाद 1 जून 2025 को JSJB 2.0 शुरू किया गया। इसका लक्ष्य 31 मई 2026 तक एक करोड़ भूजल पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण था, लेकिन राज्यों से 1.5 करोड़ से अधिक संरचनाओं के निर्माण की सूचना मिली, जो निर्धारित लक्ष्य से 50 प्रतिशत अधिक है। वर्तमान में इन संरचनाओं का भौतिक सत्यापन और क्षेत्रीय प्रमाणीकरण किया जा रहा है।
सरकार ने 1 जून 2026 से 'जल संचय जन भागीदारी: कैच द रेन' अभियान भी शुरू किया है। इस पहल के तहत जल संचय जन भागीदारी अभियान को जल शक्ति अभियान: कैच द रेन से जोड़ा गया है, ताकि वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और जल भंडारण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। यह अभियान स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कम लागत वाले उपायों को बढ़ावा देता है तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए जल सुरक्षा को मजबूत करने पर केंद्रित है।
इस अभियान को विभिन्न केंद्रीय और राज्य योजनाओं जैसे पीएम कृषि सिंचाई योजना, वित्त आयोग अनुदान, CAMPA, विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन और राज्य सरकारों की योजनाओं से जोड़ा गया है। इसके साथ ही पंचायती राज संस्थाएं, शहरी निकाय, महिला समूह, युवा, शैक्षणिक संस्थान और स्थानीय समुदाय सक्रिय रूप से इसमें भागीदारी कर रहे हैं।
जल शक्ति अभियान की शुरुआत 22 मार्च 2021 को विश्व जल दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "जहां वर्षा हो, जब वर्षा हो, वहीं वर्षा जल का संचयन करें" थीम के साथ की थी। तब से हर वर्ष इस अभियान के माध्यम से जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, जल निकायों के पुनर्जीवन और वृक्षारोपण को नई गति दी जा रही है। सरकार का मानना है कि वैज्ञानिक योजना, स्थानीय सहभागिता और जनभागीदारी के माध्यम से ही देश में जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में जल संरक्षण, कृषि सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और जलवायु परिवर्तन से मुकाबला करने के लिए ऐसे अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।