Doctor Assault Case: CCTV फुटेज के बाद पुलिस ने रमेश म्हात्रे को दबोचा

Wed 08-Jul-2026,09:16 PM IST +05:30

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Doctor Assault Case: CCTV फुटेज के बाद पुलिस ने रमेश म्हात्रे को दबोचा Thane Hospital Case
  • CCTV फुटेज में डॉक्टरों और नर्सों से कथित मारपीट का मामला सामने आया।

  • शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को पुलिस ने गिरफ्तार किया।

  • घटना के बाद डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हुई।

Maharashtra / Thane :

Thane / ठाणे के विष्णुनगर स्थित शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों के साथ हुई मारपीट के मामले में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। शुरुआत में खुद को निर्दोष बताने वाले म्हात्रे के दावों की पोल अब अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज ने खोल दी है। सामने आए वीडियो में वह अपने समर्थकों के साथ अस्पताल परिसर में हंगामा करते, डॉक्टरों से बहस करते और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ बदसलूकी करते हुए दिखाई दे रहे हैं। यही फुटेज अब पुलिस की जांच का सबसे अहम सबूत बन गई है।

यह पूरा विवाद एक गर्भवती महिला के इलाज को लेकर शुरू हुआ। जानकारी के अनुसार, महिला को प्रसव के लिए शास्त्रीनगर अस्पताल लाया गया था। जांच के दौरान डॉक्टरों को आशंका हुई कि जन्म लेने वाले बच्चे को तुरंत एनआईसीयू (NICU) की आवश्यकता पड़ सकती है। लेकिन अस्पताल के सभी एनआईसीयू बेड पहले से भरे हुए थे। ऐसे में डॉक्टरों ने मरीज और उसके परिजनों को बेहतर इलाज और नवजात की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किसी दूसरे अस्पताल में शिफ्ट होने की सलाह दी।

डॉक्टरों का कहना है कि यह सलाह पूरी तरह चिकित्सकीय आवश्यकता के आधार पर दी गई थी। हालांकि, इसी बात को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि रमेश म्हात्रे अपने समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से बहस शुरू कर दी। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि अस्पताल में मौजूद दो डॉक्टरों और दो नर्सों के साथ कथित मारपीट की गई। अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ और अभद्र व्यवहार की भी शिकायत दर्ज कराई गई।

घटना के बाद पीड़ित डॉक्टर वैभव सालुंखे ने विष्णुनगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने रमेश म्हात्रे और उनके समर्थकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। शुरुआती कार्रवाई में कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि रमेश म्हात्रे फरार बताए जा रहे थे। बाद में पुलिस ने उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी से पहले आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रमेश म्हात्रे ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करने की कोशिश की। उनका कहना था कि उन्होंने किसी महिला डॉक्टर को नहीं मारा और सीसीटीवी फुटेज में कैमरे के एंगल की वजह से गलत तस्वीर सामने आ रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि डॉक्टर उनकी बात सुनने के बजाय फोन पर व्यस्त थीं, जिससे उन्हें गुस्सा आ गया और उन्होंने केवल हाथ पर हल्का सा धक्का दिया।

हालांकि, जांच एजेंसियों का मानना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूत पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर पेश कर रहे हैं। यही कारण है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की है। अब इस मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया और अदालत में पेश होने वाले सबूत तय करेंगे कि आरोपियों पर क्या कार्रवाई होती है। फिलहाल यह मामला डॉक्टरों की सुरक्षा और अस्पतालों में बढ़ती हिंसा को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस का विषय बन गया है।