पुणे में बड़ा हादसा: कचरे के दबाव से वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट का हिस्सा ढहा, कई लोग फंसे
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Moshi Building Collapse
मोशी स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट का हिस्सा कचरे के दबाव से ढहा।
मलबे में फंसे कर्मचारियों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी।
NDRF, फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें मौके पर तैनात।
Pune / महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश जनजीवन पर भारी पड़ रही है। कई जिलों से जलभराव, भूस्खलन और हादसों की खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच पुणे के पिंपरी-चिंचवाड़ क्षेत्र के मोशी इलाके में एक बड़ा हादसा हो गया, जहां वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की इमारत का एक हिस्सा अचानक ढह गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा सीधे तौर पर इमारत की संरचनात्मक कमजोरी के कारण नहीं, बल्कि भारी बारिश के चलते जमा हुए कचरे के अत्यधिक दबाव की वजह से हुआ। बताया जा रहा है कि मोशी स्थित कचरा डिपो के पास बड़ी मात्रा में जमा कचरा अचानक प्लांट की इमारत पर आ गिरा, जिससे कंक्रीट का स्लैब टूट गया और भवन का एक हिस्सा ढह गया।
हादसे के समय इमारत के अंदर कर्मचारी मौजूद थे। शुरुआती रिपोर्टों में करीब 15 से 16 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई। राहत कार्य के दौरान अब तक कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि कुछ अन्य को गंभीर चोटों के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बचाव दल लगातार मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। भारी मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की है।
पिंपरी-चिंचवाड़ के मेयर रवि लांडगे ने बताया कि लगातार बारिश के कारण शहर में जलस्तर बढ़ गया था, जिससे कचरे का बड़ा हिस्सा बहकर ऑफिस बिल्डिंग की ओर आ गया। इसी दबाव के चलते स्लैब गिर गया। उन्होंने कहा कि हादसे के समय कर्मचारी लंच कर रहे थे। कुछ लोग तुरंत बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि अन्य मलबे में फंस गए। मेयर ने राहत की बात यह बताई कि अब तक किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है और सभी को सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं।
यह हादसा एक बार फिर भारी बारिश के दौरान औद्योगिक और सार्वजनिक ढांचों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। पूरे इलाके में स्थिति पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अतिरिक्त जोखिम की संभावना को रोका जा सके।