कराची अग्निकांड: गुल शॉपिंग प्लाजा में लगी भीषण आग से 72 की मौत, दर्जनभर अब भी लापता

Sun 25-Jan-2026,08:02 PM IST +05:30

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कराची अग्निकांड: गुल शॉपिंग प्लाजा में लगी भीषण आग से 72 की मौत, दर्जनभर अब भी लापता Karachi Fire
  • कराची के गुल शॉपिंग प्लाजा में भीषण अग्निकांड.

  • 72 लोगों की मौत, कई अब भी लापता.

  • डीएनए जांच से शवों की पहचान, सुरक्षा ऑडिट शुरू.

Sindh / Karachi :

Karachi / पाकिस्तान के कराची शहर में 17 जनवरी की रात हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। सदर इलाके में स्थित गुल शॉपिंग प्लाजा में लगी आग इतनी भयावह थी कि उस पर काबू पाने में दमकल विभाग को पूरे 36 घंटे लग गए। इस दर्दनाक हादसे में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और अब तक यह आंकड़ा 72 तक पहुंच चुका है। इसके अलावा करीब एक दर्जन लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिससे आशंका है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।

गुल शॉपिंग प्लाजा करीब 8,000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैला हुआ था और कराची के प्रमुख थोक और खुदरा बाजारों में गिना जाता था। इस इमारत में लगभग 1,200 दुकानें थीं, जो अब पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग सबसे पहले प्लाजा के तहखाने में लगी और देखते ही देखते पूरी इमारत में फैल गई। चूंकि आग रात के समय लगी, इसलिए अंदर मौजूद कई लोग समय रहते बाहर नहीं निकल पाए और आग की चपेट में आ गए।

रविवार (25 जनवरी) को साउथ के कमिश्नर जावेद नबी खोसो ने मीडिया को बताया कि अब तक मलबे से 72 शव और मानव अवशेष बरामद किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि बीते एक सप्ताह से जारी बचाव और तलाशी अभियान संभवतः जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा, क्योंकि इमारत से मलबा और जले हुए अवशेष हटाने का काम अंतिम चरण में है। खोसो के मुताबिक, शनिवार को भी मलबे से मानव अवशेष मिले थे। इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है, लेकिन आग लगने की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ पाएगी।

इस हादसे ने कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। पुलिस यह जांच कर रही है कि प्लाजा में मौजूद इतने सारे लोग बाहर निकलने में क्यों असफल रहे। क्या इमारत में आपातकालीन निकास के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे, या फिर आग लगने के बाद अफरा-तफरी ने हालात को और बिगाड़ दिया—इन सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

सिंध प्रांत की पुलिस सर्जन डॉ. सुम्मैया सैयद ने बताया कि डीएनए जांच की मदद से अब तक केवल 22 शवों की पहचान ही हो सकी है। उन्होंने कहा कि पहचान की प्रक्रिया बेहद कठिन है, क्योंकि अधिकांश शव बुरी तरह जल चुके हैं। कई मामलों में घटनास्थल से केवल थैलों में शरीर के अलग-अलग अंग ही मिले हैं। ऐसे में सभी मृतकों की पहचान करने में अभी काफी समय लग सकता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आग में झुलसे 20 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

इस भयावह घटना के बाद कराची सहित पूरे सिंध प्रांत में अग्नि सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। सिंध बिल्डिंग कंट्रोल अथॉरिटी के निदेशक मुअज्जम खान ने बताया कि आग के बाद कई शॉपिंग प्लाजा, मॉल और दफ्तरों का नए सिरे से ऑडिट किया गया है। जांच के दौरान करीब 30 व्यावसायिक इमारतों में सुरक्षा मानकों की कमी पाई गई, जिसके बाद उन्हें तुरंत अग्निशमन उपकरण और सुरक्षा उपाय अपनाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।

कराची का यह अग्निकांड न सिर्फ एक बड़ा हादसा है, बल्कि यह शहरी सुरक्षा व्यवस्था और इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी की एक भयावह तस्वीर भी पेश करता है। अब पूरे देश की नजरें इस जांच पर टिकी हैं कि आखिर इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार कौन है और क्या भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सकेगा।