Ghaziabad Bulldozer Action: सरकारी भूमि पर बने ढांचे को किया गया ध्वस्त
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Ghaziabad Bulldozer Action News
गाजियाबाद में सरकारी जमीन पर बनी अवैध मजार पर चला बुलडोजर।
नोटिस जारी करने के बाद प्रशासन ने की कार्रवाई।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से पूरा हुआ अभियान।
Ghaziabad / उत्तर प्रदेश में अवैध कब्जों और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में रविवार को गाजियाबाद जिले के लोनी ट्रॉनिका सिटी क्षेत्र में जिला प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए यूपीएसआईडीसी (उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण) की ग्रीन बेल्ट की जमीन पर बनी करीब 20 से 25 साल पुरानी एक अवैध मजार को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। प्रशासन का कहना है कि यह निर्माण सरकारी भूमि पर बिना अनुमति के किया गया था।
जानकारी के अनुसार, ट्रॉनिका सिटी क्षेत्र में स्थित यह मजार ‘पीर बाबा’ के नाम से जानी जाती थी। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, वर्ष 2001 के आसपास यहां सबसे पहले एक छोटा चबूतरा बनाया गया था। समय के साथ इस ढांचे का विस्तार होता गया और धीरे-धीरे इसे एक स्थायी गुंबदनुमा संरचना का रूप दे दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह निर्माण पूरी तरह अवैध था और सरकारी भूमि पर कब्जे की श्रेणी में आता था।
कार्रवाई से पहले जिला प्रशासन ने नियमानुसार संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया था। नोटिस के माध्यम से निर्माण हटाने और जमीन खाली करने का निर्देश दिया गया था। प्रशासन का दावा है कि पर्याप्त समय दिए जाने के बावजूद जब अवैध निर्माण नहीं हटाया गया, तब बुलडोजर कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
रविवार को सुबह प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार्रवाई शुरू की गई। बुलडोजर की मदद से पूरी संरचना को ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
एडीएम सिटी विकास कश्यप ने बताया कि जिस जमीन पर यह निर्माण किया गया था, वह यूपीएसआईडीसी की ग्रीन बेल्ट का हिस्सा है और इसकी अनुमानित कीमत 62 से 70 लाख रुपये के बीच बताई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा और नियमों के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
वहीं, डीसीपी देहात सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मौके पर दो कंपनी पुलिस बल, कई थानों की फोर्स और एसीपी स्तर के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना था कि पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो और किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
प्रशासन का कहना है कि राज्य सरकार की नीति के अनुसार सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है। इसी अभियान के तहत भविष्य में भी अवैध कब्जों और बिना अनुमति किए गए निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चाहे कोई भी व्यक्ति या संस्था हो, सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे।
गाजियाबाद में हुई यह कार्रवाई एक बार फिर यह संकेत देती है कि प्रशासन सार्वजनिक संपत्तियों और सरकारी जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के अपने अभियान को लगातार आगे बढ़ा रहा है।