पुणे मोशी प्लांट हादसा: मलबे से 7 और शव बरामद, मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हुई
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Pune Accident
मोशी वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हुई।
14 लोगों को सुरक्षित बचाया गया, एक व्यक्ति अब भी लापता है।
जहरीली गैस और बारिश के बावजूद एनडीआरएफ व सेना का रेस्क्यू अभियान जारी है।
Pune / महाराष्ट्र के पुणे जिले के मोशी इलाके में स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट में हुआ दर्दनाक हादसा लगातार गंभीर होता जा रहा है। शनिवार को बचाव अभियान के चौथे दिन मलबे से सात और शव बरामद किए गए, जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। राहत एवं बचाव दल अभी भी एक लापता व्यक्ति की तलाश में जुटा हुआ है। अब तक मलबे में फंसे अनुमानित 23 लोगों में से 14 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया जा चुका है, जहां उनका उपचार जारी है।
यह हादसा बुधवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ था। मोशी स्थित पिंपरी चिंचवाड़ नगर निगम (पीसीएमसी) के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट में कचरे का एक विशाल ढेर अचानक प्रशासनिक भवन पर गिर पड़ा। भारी दबाव के कारण तीन मंजिला इमारत कुछ ही पलों में ढह गई। हादसे के समय भवन के अंदर 23 लोग मौजूद थे। घटना के तुरंत बाद पांच कर्मचारी खुद सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि अन्य लोग मलबे में फंस गए।
हादसे की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, भारतीय सेना, दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। पहले दिन सात लोगों को जीवित बाहर निकाला गया। गुरुवार तड़के दो और लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जिससे बचाए गए लोगों की संख्या नौ हो गई। इसी दिन सुबह करीब 10 बजे पहला शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान भाविश वानी के रूप में की गई।
शुक्रवार को बचाव अभियान कई चुनौतियों के कारण धीमा पड़ गया। लगातार हो रही बारिश, अस्थिर मलबा और कचरे के ढेर से निकल रही जहरीली गैसों ने राहत कार्य को प्रभावित किया। इसके बावजूद बचाव दलों ने हाथों से मलबा हटाकर खोज अभियान जारी रखा। शनिवार को भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम तेज किया गया, जिसके बाद सात और शव बरामद हुए। इनमें दो मृतकों की पहचान अक्षय सावंत और सुनील कोरके के रूप में हुई है।
महाराष्ट्र की उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने दुर्घटनास्थल का दौरा कर राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जहरीली गैसों और खराब मौसम के बावजूद बचाव दल पूरी मेहनत से काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है, इसलिए खोज अभियान जारी रखा गया है।
सुनेत्रा पवार ने आश्वासन दिया कि हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कंपनी, नगर निगम और राज्य सरकार मिलकर इस मामले पर संयुक्त बैठक करेंगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
यह हादसा औद्योगिक और कचरा प्रबंधन इकाइयों में सुरक्षा मानकों की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर करता है। फिलहाल पूरे क्षेत्र की निगाहें बचाव अभियान और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, ताकि हादसे के कारणों का पता चल सके और प्रभावित परिवारों को न्याय मिल सके।