विज्ञान संस्थानों के बेहतर समन्वय पर जोर, डॉ. जितेंद्र सिंह ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
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India Science Festival 2026
वैज्ञानिक संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग पर जोर।
‘स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर’ अभियान 2026 की तैयारियों की समीक्षा।
एएनआरएफ, राष्ट्रीय क्वांटम मिशन और विज्ञान संचार योजनाओं पर चर्चा।
Delhi / केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली स्थित सीएसआईआर-विज्ञान केंद्र में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में देश के वैज्ञानिक संस्थानों और विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी), वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर), पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) सहित कई प्रमुख वैज्ञानिक संगठनों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न वैज्ञानिक विभागों द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करना और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को तेजी से पूरा करने के लिए साझा रणनीति तैयार करना था। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि अब समय आ गया है कि वैज्ञानिक संस्थान अलग-अलग इकाइयों की तरह नहीं, बल्कि एक एकीकृत वैज्ञानिक इकोसिस्टम के रूप में कार्य करें। उनके अनुसार मंत्रालयों और संस्थानों के बीच नियमित संवाद, जानकारी का आदान-प्रदान और संयुक्त पहलें वैज्ञानिक नवाचार को नई गति देंगी तथा उनके लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचेंगे।
बैठक में 10 से 19 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाले राष्ट्रव्यापी तटीय स्वच्छता अभियान ‘स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर’ की तैयारियों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। डॉ. सिंह ने कहा कि यह अभियान केवल समुद्र तटों की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करना भी है। इस अभियान में वैज्ञानिक संस्थानों, सरकारी एजेंसियों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वयंसेवकों और स्थानीय समुदायों को एक मंच पर लाने की योजना है, जिससे इसे देश के सबसे बड़े तटीय स्वच्छता अभियानों में शामिल किया जा सके।
बैठक के दौरान विज्ञान मंत्रालयों की जनसंपर्क और संचार रणनीतियों की भी समीक्षा की गई। विभिन्न विभागों ने बताया कि वे अपनी उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने के लिए वीडियो, वृत्तचित्र, इन्फोग्राफिक्स, डिजिटल अभियान और सफलता की कहानियों का सहारा ले रहे हैं। उद्देश्य यह है कि देश की वैज्ञानिक उपलब्धियों और अनुसंधान कार्यों के बारे में आम नागरिकों में अधिक जागरूकता पैदा की जा सके।
डीएसटी ने राष्ट्रीय क्वांटम मिशन, अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (एएनआरएफ) और अन्य प्रमुख वैज्ञानिक कार्यक्रमों से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी। वहीं डीएसआईआर ने बताया कि सीएसआईआर पिछले बारह वर्षों की प्रमुख उपलब्धियों का एक विस्तृत प्रकाशन तैयार कर रहा है, जिसे इस वर्ष के अंत में जारी किया जाएगा। डीबीटी ने सार्वजनिक स्वास्थ्य, जैव-अर्थव्यवस्था और जैव प्रौद्योगिकी स्टार्टअप से जुड़े अपने योगदान को प्रदर्शित करने वाली विभिन्न पहलों और #DBTQuest अभियान की जानकारी साझा की।
बैठक में इसरो, सीएसआईआर, डीबीटी, डीएसटी और अन्य संस्थानों के बीच चल रहे सहयोगात्मक कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। साथ ही एएनआरएफ के अंतर्गत SARAL_AI प्लेटफॉर्म की प्रगति और शोधकर्ताओं की बढ़ती भागीदारी पर चर्चा हुई।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत का वैज्ञानिक तंत्र अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है, जहां अनुसंधान, तकनीकी नवाचार, संस्थागत समन्वय और जनभागीदारी को साथ लेकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने सभी विभागों को बेहतर प्रशासनिक कार्यप्रणाली, श्रेष्ठ कार्य-पद्धतियों के आदान-प्रदान और सहयोगात्मक शासन को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।