Gujarat Flood: सूरत बाढ़ में 17 मौतें, 3600 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू, CM भूपेंद्र पटेल ने दिए 500 करोड़ रुपये
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Gujarat Flood News 2026
सूरत में भारी बारिश और बाढ़ से मृतकों की संख्या 17 पहुंची।
3,600 से अधिक लोगों का रेस्क्यू, हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बाढ़ नियंत्रण के लिए 500 करोड़ रुपये देने की घोषणा की।
Surat / गुजरात के सूरत शहर में हाल ही में हुई रिकॉर्डतोड़ बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार हुई मूसलाधार वर्षा के कारण शहर के अधिकांश हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। सड़कें, आवासीय कॉलोनियां, बाजार, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और निचले इलाके पानी में डूब गए। लोगों को अपने घरों से निकलने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और कई स्थानों पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। भारी बारिश से हुए हादसों में अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे पूरे शहर में शोक और चिंता का माहौल है।
प्रशासन के अनुसार, गुरुवार को छह और शव बरामद किए गए, जिनकी पहचान और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी है। इससे पहले 11 लोगों की मौत की पुष्टि की जा चुकी थी। मृतकों में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग शामिल हैं। राहत और बचाव कार्यों के दौरान प्रशासन, पुलिस, दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार सक्रिय रहीं। अब तक 3,600 से अधिक लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है, जबकि 4,300 से ज्यादा लोगों को निचले इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
यह संकट मंगलवार और बुधवार के बीच हुई भारी बारिश के बाद पैदा हुआ, जब मात्र 24 घंटों में 358 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इतनी अधिक बारिश के कारण शहर के क्रीक क्षेत्रों और जल निकासी तंत्र पर भारी दबाव पड़ा, जिसके चलते कई इलाकों में पानी भर गया। बाढ़ जैसे हालात बनने से आम लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हुआ और कई परिवारों को अस्थायी रूप से अपने घर छोड़ने पड़े।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को सूरत का दौरा किया और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की और शहर में बार-बार आने वाली बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए 500 करोड़ रुपये की विशेष सहायता राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राशि क्रीक विकास, जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने और दीर्घकालिक बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं पर खर्च की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर भी जानकारी साझा करते हुए कहा कि राज्य सरकार सूरत में बाढ़ की समस्या को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए व्यापक योजना तैयार करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और भविष्य में ऐसी आपदाओं से बचने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करें।
इस बीच गुरुवार को लोगों को कुछ राहत मिली, क्योंकि बारिश रुकने के बाद कई इलाकों में पानी का स्तर धीरे-धीरे कम होने लगा। हालांकि पानी उतरने के साथ ही बाढ़ से हुए भारी नुकसान की तस्वीरें सामने आने लगीं। कई घरों और दुकानों में कीचड़ भर गया है। वराछा क्षेत्र स्थित पोद्दार आर्केड की ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। खासकर मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सामान बेचने वाले व्यापारियों को बड़ा आर्थिक झटका लगा है, क्योंकि लाखों रुपये का सामान पानी में खराब हो गया।
बारिश के दौरान कई दुखद घटनाएं भी सामने आईं। लस्काना इलाके में दो भाई अपनी कार सहित तेज बहाव में बह गए। उनमें से एक व्यक्ति किसी तरह बच गया, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। प्रशासन अभी भी राहत और पुनर्वास कार्यों में जुटा हुआ है। मौसम में सुधार के संकेत जरूर मिले हैं, लेकिन सूरत के लिए यह आपदा एक बड़ी चेतावनी बनकर सामने आई है कि भविष्य में बाढ़ प्रबंधन और जल निकासी व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है।