Next Generation Governance पर राष्ट्रीय सम्मेलन, शिलांग में 300 से अधिक प्रतिनिधि होंगे शामिल
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E Governance Conference
शिलांग में 13-14 जुलाई को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस और प्रशासनिक सुधार सम्मेलन आयोजित होगा।
डिजिटल गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा और सार्वजनिक सेवा वितरण पर विशेष चर्चा होगी।
देशभर के 300 से अधिक अधिकारी, नीति विशेषज्ञ और प्रशासनिक प्रतिनिधि शामिल होंगे।
Shillong / प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) मेघालय सरकार के सहयोग से 13 और 14 जुलाई 2026 को शिलांग में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने जा रहा है। ‘अगली पीढ़ी के प्रशासनिक और ई-गवर्नेंस सुधार’ विषय पर केंद्रित यह सम्मेलन देशभर के नीति-निर्माताओं, वरिष्ठ प्रशासकों, तकनीकी विशेषज्ञों और शासन से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाएगा। सम्मेलन का उद्देश्य प्रशासनिक सुधारों, डिजिटल गवर्नेंस और नागरिक-केंद्रित सेवाओं के भविष्य पर विचार-विमर्श करना है।
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा संबोधित करेंगे। इसके अलावा भारत सरकार की वरिष्ठ अधिकारी एवं DARPG, DoPPW तथा MDoNER की सचिव श्रीमती निवेदिता शुक्ला वर्मा और मेघालय के मुख्य सचिव डॉ. शकील पी. अहमद भी अपने विचार साझा करेंगे।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में 300 से अधिक प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है। इनमें केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, जिला कलेक्टर, नीति विशेषज्ञ, शिक्षाविद, शोधकर्ता और लोक प्रशासन से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन के दौरान प्रशासनिक सुधारों और डिजिटल परिवर्तन से जुड़े सफल मॉडलों और नवाचारों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
कार्यक्रम की शुरुआत मेघालय सरकार की सफल प्रशासनिक पहलों और नागरिक-केंद्रित सुधारों पर आधारित विशेष सत्र से होगी। इस सत्र में राज्य द्वारा लागू की गई उन योजनाओं और नवाचारों को प्रस्तुत किया जाएगा, जिन्होंने सेवा वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया है।
इसके बाद प्रधानमंत्री पुरस्कार प्राप्त पहल (2023 और 2024) पर आधारित सत्र आयोजित होगा। इसमें विभिन्न जिलों द्वारा शिक्षा, ग्रामीण विकास, आजीविका संवर्धन और आकांक्षी जिला कार्यक्रमों के तहत किए गए नवाचारों और सफल प्रयोगों को साझा किया जाएगा। इन मॉडलों ने स्थानीय स्तर पर विकास और प्रशासनिक दक्षता को नई दिशा दी है।
सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण ई-गवर्नेंस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त परियोजनाओं पर आधारित सत्र होगा। इसमें मंत्रालयों, राज्य सरकारों, नगर निकायों और सार्वजनिक संस्थानों द्वारा विकसित डिजिटल समाधान प्रस्तुत किए जाएंगे। स्वास्थ्य सेवाओं, डिजिटल बैंकिंग, शहरी प्रशासन, साइबर सुरक्षा, उपभोक्ता संरक्षण, पंचायती राज और तीर्थ प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में तकनीक के उपयोग से आए बदलावों को विस्तार से प्रदर्शित किया जाएगा।
उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के विकास पर केंद्रित एक विशेष सत्र में विकास मंत्रालय (DoNER) और नॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल (NEC) की प्रमुख पहलों पर चर्चा होगी। बांस और अगरवुड आधारित उद्योगों, पर्यटन विकास, क्षेत्रीय अवसंरचना, परियोजना निगरानी और सतत विकास से जुड़ी योजनाओं को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।
इसके अलावा मेघालय, मिजोरम और नागालैंड में DARPG की सहायता से लागू की गई राज्य सहयोग पहल (SCI) के तहत विकसित डिजिटल गवर्नेंस मॉडल, शिकायत निवारण तंत्र, सार्वजनिक सुरक्षा समाधान और तकनीक आधारित सेवा वितरण प्रणालियों को भी साझा किया जाएगा।
यह सम्मेलन केवल अनुभव साझा करने का मंच नहीं होगा, बल्कि इसका उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच सहयोग बढ़ाना, डिजिटल प्रशासन को गति देना और पारदर्शी, जवाबदेह तथा नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था को मजबूत बनाना भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन भारत में प्रशासनिक सुधारों और तकनीक आधारित शासन प्रणाली को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।