INS Sudarshini ने न्यूयॉर्क में बढ़ाया भारत का गौरव, Lokayan 2026 अभियान के तहत अमेरिका यात्रा सफल
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Indian Navy News
आईएनएस सुदर्शनी ने न्यूयॉर्क में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
‘लोकायन 2026’ अभियान के तहत समुद्री सहयोग और सद्भावना का संदेश दिया।
भारत-अमेरिका रणनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को मिली नई मजबूती।
Mumbai / भारतीय नौसेना का सेल प्रशिक्षण पोत (एसटीएस) आईएनएस सुदर्शनी एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की समुद्री शक्ति, सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक मित्रता का प्रतीक बनकर उभरा है। 8 जुलाई 2026 को आईएनएस सुदर्शनी ने संयुक्त राज्य अमेरिका के न्यूयॉर्क बंदरगाह की अपनी सफल यात्रा पूरी की। यह यात्रा भारतीय नौसेना के महत्वाकांक्षी ‘लोकायन 2026’ अंतरमहासागरीय अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य विश्व के विभिन्न देशों के साथ समुद्री सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सद्भावना को बढ़ावा देना है।
स्वदेशी तकनीक से निर्मित तीन मस्तूल वाला बार्क पोत आईएनएस सुदर्शनी वर्तमान में भारतीय नौसेना की 10 महीने लंबी अंतरमहासागरीय तैनाती पर है। न्यूयॉर्क यात्रा के दौरान इस जहाज ने अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित प्रतिष्ठित ‘इंटरनेशनल नेवल रिव्यू 250’ और ‘सेल4थ 250’ समारोहों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इन आयोजनों में दुनिया के कई देशों के नौसैनिक जहाज और सेलिंग पोत शामिल हुए, जहां भारत की उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
इस यात्रा का सबसे यादगार क्षण ‘परेड ऑफ सेल’ में आईएनएस सुदर्शनी की भागीदारी रही। इस दौरान जहाज ने विश्व प्रसिद्ध स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी के सामने से गुजरते हुए और हडसन नदी के मार्ग पर नौकायन करते हुए गर्व के साथ भारतीय तिरंगा फहराया। विभिन्न देशों के जहाजों के बीच भारतीय ध्वज की मौजूदगी ने भारत की समुद्री परंपरा और वैश्विक पहचान को नई ऊंचाई प्रदान की।
न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन बंदरगाह पर अपने प्रवास के दौरान आईएनएस सुदर्शनी ने भारत के “तैरते हुए सद्भावना दूत” की भूमिका निभाई। जहाज पर 1,000 से अधिक आगंतुकों का स्वागत किया गया, जिनमें भारतीय मूल के नागरिक, स्थानीय अमेरिकी नागरिक, छात्र और समुद्री गतिविधियों में रुचि रखने वाले लोग शामिल थे। आगंतुकों को भारतीय नौसेना की प्रशिक्षण परंपराओं, समुद्री इतिहास और भारत की समृद्ध नौवहन विरासत से परिचित कराया गया।
इस दौरान जहाज पर कई प्रतिष्ठित अतिथियों का भी स्वागत किया गया। न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्यदूत बिनय श्रीकांत प्रधान तथा संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि और राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने जहाज का दौरा किया। दोनों अधिकारियों ने चालक दल से मुलाकात की और भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने में आईएनएस सुदर्शनी की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर संपर्क बढ़ाने और आपसी विश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यात्रा के दौरान जहाज पर आयोजित राजकीय रात्रिभोज (स्टेट डिनर) भी विशेष आकर्षण रहा। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ राजनयिकों, सैन्य अधिकारियों और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया। यह आयोजन भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर बना।
न्यूयॉर्क में सभी कार्यक्रमों के सफल समापन के बाद आईएनएस सुदर्शनी अब अपने अगले पड़ाव बोस्टन के लिए रवाना हो चुका है, जहां वह ‘सेल बोस्टन 2026’ समारोह में भाग लेगा। ‘लोकायन 2026’ अभियान के माध्यम से भारतीय नौसेना मित्रता, सहयोग, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक सद्भाव का संदेश दुनिया भर में पहुंचा रही है। आईएनएस सुदर्शनी की यह यात्रा न केवल भारत की समुद्री क्षमता का प्रदर्शन है, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक विरासत, आत्मनिर्भरता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता का भी सशक्त प्रतीक है।