Karnataka Temple Security: DC, SP और कंट्रोल रूम से जुड़ेंगे CCTV कैमरे

Thu 09-Jul-2026,09:49 PM IST +05:30

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Karnataka Temple Security: DC, SP और कंट्रोल रूम से जुड़ेंगे CCTV कैमरे Karnataka News
  • सभी मुजराई मंदिरों में 24 घंटे सक्रिय CCTV कैमरे लगाए जाएंगे।

  • दान पेटी और नकदी गिनती की प्रक्रिया की लाइव निगरानी होगी।

  • कैमरों की फीड DC, SP कार्यालय और पुलिस कंट्रोल रूम से जुड़ेगी।

Karnataka / Belgaum :

Karnataka / कर्नाटक के बेलगावी में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने राज्य के सभी मुजराई विभाग (Muzrai Department) के मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि मुजराई विभाग के तहत आने वाले सभी मंदिरों में 24 घंटे सक्रिय रहने वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। इन कैमरों की निगरानी विशेष रूप से दान पेटियों, नकदी और दान की गिनती की प्रक्रिया पर केंद्रित होगी, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या चोरी की संभावना को रोका जा सके।

मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश के अयोध्या राम मंदिर में कथित फंड चोरी को लेकर देशभर में चर्चा हो रही है। शिवकुमार ने कहा कि इस तरह की घटनाएं धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाती हैं और उन लाखों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करती हैं, जो श्रद्धा के साथ मंदिरों में दान करते हैं। उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर लोगों द्वारा दिए गए चढ़ावे की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक सरकार नहीं चाहती कि राज्य के किसी भी मंदिर में ऐसी घटना दोहराई जाए। इसी उद्देश्य से सभी मंदिरों में आधुनिक निगरानी व्यवस्था अनिवार्य की जा रही है। उन्होंने बताया कि लगाए जाने वाले सीसीटीवी कैमरे केवल रिकॉर्डिंग तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उनकी लाइव फीड प्रशासन और पुलिस तंत्र से भी जुड़ी होगी।

मुख्यमंत्री के अनुसार, सीसीटीवी कैमरों की फीड संबंधित जिले के डिप्टी कमिश्नर (DC) कार्यालय, पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय, पुलिस कंट्रोल रूम और एक केंद्रीकृत डिजिटल डैशबोर्ड से जोड़ी जाएगी। यह व्यवस्था शहरों में लगाए गए ट्रैफिक निगरानी कैमरों की तर्ज पर विकसित की जाएगी। इसके माध्यम से दान पेटियों की सुरक्षा, नकदी की आवाजाही और दान की गिनती की पूरी प्रक्रिया पर लगातार नजर रखी जाएगी।

शिवकुमार ने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए तकनीक का उपयोग बेहद जरूरी है। सरकार का उद्देश्य केवल चोरी रोकना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं का विश्वास भी मजबूत करना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मंदिर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय से ऐसी व्यवस्था तैयार की जाएगी, जिससे धार्मिक संस्थानों की सुरक्षा और वित्तीय पारदर्शिता दोनों को मजबूती मिलेगी।

इस फैसले को मंदिर प्रबंधन में आधुनिक तकनीक और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।