जनरल धीरज सेठ बने भारतीय सेना के 31वें प्रमुख, संभाली सेना की कमान
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General Dhiraj Seth
जनरल धीरज सेठ ने भारतीय सेना के 31वें प्रमुख के रूप में पदभार संभाला।
लगभग 40 वर्षों का सैन्य अनुभव और कई महत्वपूर्ण कमानों का नेतृत्व किया।
सेना के आधुनिकीकरण और भविष्य की युद्धक क्षमताओं को मजबूत करने में अहम भूमिका।
Delhi / पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम जनरल धीरज सेठ ने भारतीय सेना के 31वें सेना प्रमुख (Chief of Army Staff) के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। उन्होंने यह जिम्मेदारी जनरल उपेंद्र द्विवेदी के सेवानिवृत्त होने के बाद संभाली है, जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में चार दशक से अधिक समय बिताया। जनरल धीरज सेठ का सेना प्रमुख बनना भारतीय सेना के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), खड़कवासला के पूर्व छात्र जनरल धीरज सेठ को दिसंबर 1986 में बख्तरबंद कोर में कमीशन मिला था। लगभग 40 वर्षों के अपने शानदार सैन्य करियर में उन्होंने विभिन्न परिचालन, रणनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाईं। उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता ने भारतीय सेना की युद्धक तैयारियों और आधुनिकीकरण को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
जनरल धीरज सेठ ने अपने करियर के दौरान सेना की विभिन्न महत्वपूर्ण इकाइयों का नेतृत्व किया। उन्होंने रेगिस्तानी क्षेत्र में एक बख्तरबंद रेजिमेंट की कमान संभाली, पश्चिमी सीमा पर बख्तरबंद ब्रिगेड का नेतृत्व किया और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लेफ्टिनेंट जनरल के रूप में उन्होंने भारतीय सेना की प्रमुख स्ट्राइक फॉर्मेशन ‘सुदर्शन चक्र कोर’ की कमान संभाली, जो सेना की सबसे महत्वपूर्ण युद्धक इकाइयों में गिनी जाती है।
इसके बाद उन्होंने दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में कार्य किया, जहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई महत्वपूर्ण सैन्य आयोजनों और रणनीतिक जिम्मेदारियों का नेतृत्व किया। सेना कमांडर के रूप में उन्हें दक्षिण पश्चिमी कमान और दक्षिणी कमान जैसी दो महत्वपूर्ण ऑपरेशनल कमानों की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने ढाई वर्षों से अधिक समय तक इन क्षेत्रों में रणनीतिक निगरानी और नेतृत्व प्रदान किया।
सेना के आधुनिकीकरण में उनका योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय माना जाता है। सेना मुख्यालय में रणनीतिक योजना और क्षमता विकास से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए उन्होंने सेना के भविष्य के रोडमैप, नई सैन्य क्षमताओं के विकास और आधुनिक तकनीकों के समावेशन में अहम भूमिका निभाई। बदलते युद्ध स्वरूप और उभरती तकनीकों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सेना को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए।
शैक्षणिक और पेशेवर उपलब्धियों की बात करें तो जनरल धीरज सेठ हमेशा उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जाने जाते रहे हैं। उन्होंने कई प्रतिष्ठित सैन्य प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में शीर्ष स्थान हासिल किया है। वे उच्च कमान पाठ्यक्रम और राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के स्नातक हैं। इसके अलावा उन्होंने फ्रांस के पेरिस में आयोजित प्रतिष्ठित कमांड एंड स्टाफ कोर्स में भी भाग लिया, जिसने उनके रणनीतिक दृष्टिकोण और वैश्विक सैन्य समझ को और मजबूत किया।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जनरल धीरज सेठ का व्यापक अनुभव, आधुनिक सैन्य सोच और रणनीतिक नेतृत्व भारतीय सेना को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में नई मजबूती देगा। उनके नेतृत्व में सेना के आधुनिकीकरण, तकनीकी उन्नयन और राष्ट्रीय सुरक्षा को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की उम्मीद की जा रही है।