Uttarakhand Rain Alert: 71 सड़कें बंद, कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
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Uttarakhand Weather Update
उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण 71 सड़कें बंद, कई इलाके प्रभावित।
IMD ने कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया।
चारधाम यात्रा मार्गों पर प्रशासन और SDRF की निगरानी बढ़ाई गई।
Dehradun / उत्तराखंड में मानसून ने पूरी तरह दस्तक दे दी है, लेकिन इसके साथ ही पहाड़ों पर मुश्किलें भी बढ़ने लगी हैं। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण राज्य के कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। जगह-जगह भूस्खलन, सड़क बंद होने और जलभराव जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे को बेहद संवेदनशील बताया है और कई जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 9 जुलाई को देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और चम्पावत जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भी तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 10 से 12 जुलाई तक भी पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पंतनगर में सबसे अधिक 113.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा भगवानपुर में 68 मिमी, ऋषिकेश में 54 मिमी, मुक्तेश्वर में 44.8 मिमी और नैनीताल में 43 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार हो रही वर्षा का असर प्रदेश की सड़कों और बुनियादी ढांचे पर भी दिखाई दे रहा है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार फिलहाल उत्तराखंड में कुल 71 सड़कें बंद हैं। इनमें दो स्टेट हाईवे, एक बीआरओ रोड, 16 पीडब्ल्यूडी सड़कें और 52 ग्रामीण मार्ग शामिल हैं। सबसे अधिक प्रभावित जिले चमोली और पिथौरागढ़ हैं, जहां क्रमशः 19 और 15 सड़कें बंद हैं। कई ग्रामीण इलाकों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है और सड़कें खोलने का काम लगातार जारी है।
मानसून सीजन की शुरुआत से अब तक प्रदेश में आपदा संबंधी घटनाओं में 20 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 23 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा कई मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और पशुधन का भी नुकसान हुआ है। अल्मोड़ा, चमोली, नैनीताल, पौड़ी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और टिहरी जिले सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं।
इस बीच चारधाम यात्रा भी जारी है। खराब मौसम के बावजूद अब तक 43 लाख से अधिक श्रद्धालु बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब के दर्शन कर चुके हैं। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने यात्रा मार्गों पर अतिरिक्त निगरानी बढ़ा दी है और संवेदनशील स्थानों पर राहत एवं बचाव दल तैनात किए हैं।
हालांकि राज्य की प्रमुख नदियां फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
राज्य सरकार, एसडीआरएफ, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों के करीब न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है, इसलिए उत्तराखंड के लिए यह मानसून सीजन अभी और चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।