छत्तीसगढ़ 12वीं हिंदी पेपर लीक का आरोप
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छत्तीसगढ़ 12वीं बोर्ड हिंदी पेपर लीक का आरोप सामने आने से परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
सोशल मीडिया व्हाट्सएप ग्रुप में परीक्षा से पहले वायरल हुए सवाल और बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्र के मिलान से पेपर लीक की आशंका गहराई।
Raipur/ छत्तीसगढ़ में 12वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान हिंदी प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों ने शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। छात्र संगठन एनएसयूआई ने दावा किया है कि परीक्षा से एक दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुआ प्रश्नपत्र ही अगले दिन आयोजित हिंदी बी-सेट परीक्षा में पूछा गया। इस मामले के सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की गोपनीयता और परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था पर बहस तेज हो गई है। छात्र संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।
जानकारी के अनुसार 14 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा 12वीं कक्षा की हिंदी विषय की परीक्षा आयोजित की गई थी। लेकिन परीक्षा से एक दिन पहले यानी 13 मार्च की रात सोशल मीडिया पर एक कथित प्रश्नपत्र वायरल होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि रात करीब 2:41 बजे “जीनियस एकेडमी ऑनलाइन” नामक व्हाट्सएप चैनल में एक महिला यूजर ने हाथ से लिखे हुए दो पन्नों की फोटो साझा की थी, जिसमें लगभग 15 सवाल लिखे हुए थे।
बताया जा रहा है कि इसके कुछ मिनट बाद उसी यूजर ने एक और मैसेज भेजते हुए ग्रुप में लिखा, “इसे भी देख लेना।” इसके बाद ग्रुप में मौजूद कुछ अन्य नंबरों से भी इस पर प्रतिक्रियाएं आईं। हालांकि उस समय इसे गंभीरता से नहीं लिया गया, लेकिन अगले दिन परीक्षा के बाद मामला चर्चा में आ गया।
दरअसल, परीक्षा समाप्त होने के बाद जब छात्रों और शिक्षकों ने प्रश्नपत्र का मिलान किया तो सामने आया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए सवाल और हिंदी बी-सेट में पूछे गए प्रश्न काफी हद तक एक जैसे थे। इससे पेपर लीक की आशंका और गहरा गई। इस घटना के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच भी चिंता का माहौल बन गया है।
मामले को लेकर छात्र संगठन एनएसयूआई ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। एनएसयूआई नेता पुनेश्वर लहरे ने आरोप लगाया कि 12वीं हिंदी का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही सोशल मीडिया के माध्यम से लीक हो गया था। उन्होंने कहा कि यह मामला लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग भी की गई है।
एनएसयूआई ने इस मुद्दे को लेकर सोमवार को छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के घेराव का ऐलान भी किया है। संगठन का कहना है कि यदि जल्द जांच शुरू नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
वहीं इस मामले पर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की सचिव पुष्पा साहू ने कहा कि 14 मार्च को आयोजित हिंदी परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई थी और किसी भी परीक्षा केंद्र से कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से पेपर लीक के आरोपों की जानकारी मिली है। यदि इस संबंध में कोई दस्तावेज या प्रमाण प्रस्तुत किए जाते हैं, तो नियमानुसार जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।