ICGS Akshay Commissioned: तटरक्षक बल के बेड़े में शामिल हुआ आधुनिक गश्ती जहाज

Sat 27-Jun-2026,11:58 PM IST +05:30

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ICGS Akshay Commissioned: तटरक्षक बल के बेड़े में शामिल हुआ आधुनिक गश्ती जहाज ICGS Akshay
  • भारतीय तटरक्षक बल के बेड़े में शामिल हुआ नया गश्ती पोत आईसीजीएस अक्षय।

  • समुद्री सुरक्षा, खोज एवं बचाव और तटीय निगरानी में निभाएगा अहम भूमिका।

  • गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित स्वदेशी पोत, आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा।

Goa / Goa Velha :

Goa / भारतीय तटरक्षक बल ने अपने आधुनिकीकरण अभियान को आगे बढ़ाते हुए 27 जून 2026 को एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। गोवा स्थित गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में आयोजित एक समारोह के दौरान नई पीढ़ी के त्वरित गश्ती पोत (फास्ट पेट्रोल वेसल) आईसीजीएस अक्षय को औपचारिक रूप से भारतीय तटरक्षक बल के बेड़े में शामिल किया गया। इस नए पोत के शामिल होने से देश की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा तटरक्षक बल की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

‘अक्षय’ नाम अपने आप में दृढ़ता, संकल्प और निरंतर सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। भारतीय तटरक्षक बल के अनुसार यह आधुनिक गश्ती पोत देश के समुद्री हितों की रक्षा करने और समुद्री सीमाओं की निगरानी को और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भारत का विशाल समुद्री क्षेत्र व्यापार, सुरक्षा और सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में अत्याधुनिक तकनीक से लैस इस पोत का शामिल होना समुद्री सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

आईसीजीएस अक्षय को कई प्रकार के अभियानों के लिए तैयार किया गया है। यह समुद्री कानूनों के पालन को सुनिश्चित करने, तटीय सुरक्षा को मजबूत करने, खोज एवं बचाव अभियानों (सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन) में भाग लेने और समुद्री पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्रभावी ढंग से अंजाम देने में सक्षम है। इसके अलावा समुद्र में संकट में फंसे नाविकों और जहाजों को सहायता पहुंचाने में भी यह पोत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस आधुनिक पोत को वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग में अपर सचिव (कार्मिक) श्रीमती परमा सेन ने भारतीय तटरक्षक बल को औपचारिक रूप से समर्पित किया। इस अवसर पर तटरक्षक क्षेत्र (पश्चिम) के कमांडर इंस्पेक्टर जनरल भीष्म शर्मा, डिप्टी डायरेक्टर जनरल (एचआरडी) इंस्पेक्टर जनरल ज्योतिंद्र सिंह सहित केंद्र और राज्य सरकारों के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह में भारतीय तटरक्षक बल की बढ़ती क्षमताओं और समुद्री सुरक्षा में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया।

आईसीजीएस अक्षय की एक और खास बात इसकी स्वदेशी निर्माण क्षमता है। इस पोत को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा डिजाइन और निर्मित किया गया है। यह भारत की बढ़ती जहाज निर्माण क्षमता और तकनीकी आत्मनिर्भरता का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसके निर्माण में स्वदेशी तकनीक और संसाधनों का व्यापक उपयोग किया गया है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान की सफलता को भी दर्शाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आधुनिक और स्वदेशी पोतों के शामिल होने से भारतीय तटरक्षक बल भविष्य की चुनौतियों का सामना अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेगा। साथ ही यह भारत के समुद्री इकोसिस्टम, रक्षा उद्योग और स्वदेशी जहाज निर्माण क्षेत्र को भी नई मजबूती प्रदान करेगा।

आईसीजीएस अक्षय का तटरक्षक बेड़े में शामिल होना केवल एक नए जहाज का कमीशन होना नहीं है, बल्कि यह भारत की समुद्री सुरक्षा, आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन और समुद्री हितों की रक्षा के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है। आने वाले वर्षों में यह पोत भारतीय समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।