हैदराबाद में अमित शाह की महापदयात्रा, भाग्यलक्ष्मी मंदिर में दर्शन के बाद BJP का शक्ति प्रदर्शन

Mon 02-Nov-2026,02:13 PM IST +05:30

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हैदराबाद में अमित शाह की महापदयात्रा, भाग्यलक्ष्मी मंदिर में दर्शन के बाद BJP का शक्ति प्रदर्शन हैदराबाद में अमित शाह की महापदयात्रा
  • अमित शाह हैदराबाद के भाग्यलक्ष्मी मंदिर में करेंगे दर्शन और पूजा-अर्चना।

  • बीजेपी की महापदयात्रा और जनसभा में शामिल होंगे केंद्रीय गृह मंत्री।

  • SIR विवाद और तेलंगाना में बीजेपी की संगठनात्मक रणनीति पर रहेगा फोकस।

Telangana / Hyderabad :

Hyderabad / दिल्ली में विपक्ष की महारैली के ठीक एक दिन बाद अब हैदराबाद में बीजेपी अपना राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन करने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पदयात्रा के पीछे आखिर क्या रणनीति है और तेलंगाना की राजनीति में इसका क्या संदेश जाएगा?

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में आज यानी 2 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अमित शाह महापदयात्रा में शामिल होने जा रहे हैं। इस कार्यक्रम को लेकर राज्य बीजेपी ने व्यापक तैयारियां की हैं। पार्टी इसे अपने राजनीतिक अभियान और संगठनात्मक मजबूती के लिहाज से महत्वपूर्ण कार्यक्रम मान रही है।

अमित शाह अपने दौरे की शुरुआत पुराने हैदराबाद स्थित ऐतिहासिक चारमीनार के पास मां भाग्यलक्ष्मी मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना से करेंगे। इसके बाद वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक में शामिल होंगे। इस दौरान तेलंगाना की राजनीतिक परिस्थितियों, संगठन को मजबूत करने और आने वाले समय की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।

इसके बाद अमित शाह महापदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। इस पदयात्रा की शुरुआत दोपहर करीब 3 बजे बशीरबाग स्थित निजाम कॉलेज के सामने डॉ. बाबू जगजीवन राम की प्रतिमा से होगी। यात्रा आबिड्स क्षेत्र से गुजरते हुए शाम करीब 6 बजे मोजामजाही मार्केट पहुंचेगी। यहां अमित शाह एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार, तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष एन. रामचंदर राव और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। बीजेपी नेताओं के अनुसार, पदयात्रा में पार्टी कार्यकर्ताओं के अलावा वकील, डॉक्टर, बुद्धिजीवी और आम नागरिक भी भाग लेंगे।

दरअसल, इस पदयात्रा के पीछे एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदर्भ भी है। दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को INDIA गठबंधन ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। विपक्ष ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोप लगाए हैं।

इसके जवाब में बीजेपी ने देशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान शुरू किया है। हैदराबाद की यह महापदयात्रा भी इसी अभियान का हिस्सा है। बीजेपी का उद्देश्य SIR को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देना और चुनावी प्रक्रिया के समर्थन में अपना पक्ष जनता तक पहुंचाना है।

तेलंगाना में इस कार्यक्रम का राजनीतिक महत्व इसलिए भी है क्योंकि राज्य में कांग्रेस की सरकार है और बीजेपी लगातार अपने संगठन का विस्तार करने में जुटी हुई है। पार्टी नेतृत्व हैदराबाद जैसे महत्वपूर्ण शहरी क्षेत्र में जनसंपर्क और कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाना चाहता है। अमित शाह जैसे केंद्रीय नेता की मौजूदगी को इसी रणनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है।

इस बीच, पदयात्रा को देखते हुए हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। दोपहर 1 बजे से शाम 7 बजे तक कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहने की संभावना है। बशीरबाग, आबिड्स, एमजे मार्केट और आसपास के क्षेत्रों में वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

कुल मिलाकर, अमित शाह की यह पदयात्रा केवल एक सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि SIR को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच बीजेपी की जवाबी रणनीति का हिस्सा है। अब देखना होगा कि हैदराबाद की इस पदयात्रा और जनसभा में अमित शाह क्या संदेश देते हैं और उनके संबोधन में तेलंगाना की राजनीति को लेकर कौन-से मुद्दे प्रमुख रहते हैं।