बेमेतरा में 5 मई ‘जिला संवाद’, जनता के सवालों का सीधा जवाब

Tue 28-Apr-2026,12:24 PM IST +05:30

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बेमेतरा में 5 मई ‘जिला संवाद’, जनता के सवालों का सीधा जवाब Bemetara-Jila-Samvad-5-May-Chhattisgarh
  • बेमेतरा में 5 मई को ‘जिला संवाद’ कार्यक्रम में सत्ता और विपक्ष के जनप्रतिनिधि एक मंच पर आकर जनता के सवालों का सीधा जवाब देंगे।

  • कार्यक्रम में मंत्री, सांसद और पूर्व मंत्री के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहेंगे, जो विकास योजनाओं और जनसमस्याओं पर जानकारी देंगे।

  • हरिभूमि-आईएनएच के इस अभियान का उद्देश्य पूरे छत्तीसगढ़ में जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच सीधा संवाद स्थापित कर पारदर्शिता बढ़ाना है।

Chhattisgarh / Bemetara :

Bemetra/ छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में 5 मई को ‘जिला संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसे लेकर स्थानीय स्तर पर उत्साह देखा जा रहा है। हरिभूमि-आईएनएच के इस विशेष मंच के तहत आयोजित यह कार्यक्रम द किंग्स महल में होगा, जहां प्रदेश सरकार के दो साल पूरे होने के अवसर पर विभिन्न मुद्दों पर खुलकर चर्चा की जाएगी।

इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें सत्ता और विपक्ष दोनों पक्षों के जनप्रतिनिधि एक ही मंच पर मौजूद रहेंगे। जनता को सीधे सवाल पूछने और जवाब प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे लोकतांत्रिक संवाद को मजबूती मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. हिमांशु द्विवेदी करेंगे, जो अपने तीखे और सटीक सवालों के लिए जाने जाते हैं।

कार्यक्रम में प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयालदास बघेल, सांसद विजय बघेल और पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके अलावा, जिले के अन्य निर्वाचित प्रतिनिधि भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

सिर्फ राजनीतिक ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक अधिकारी भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत और वन विभाग के अधिकारी मंच पर मौजूद रहकर जिले की योजनाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी देंगे। साथ ही, वे जनता के सवालों का जवाब देकर समस्याओं के समाधान का आश्वासन भी देंगे।

‘जिला संवाद’ अभियान केवल बेमेतरा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे पूरे छत्तीसगढ़ में चलाया जा रहा है। इससे पहले नारायणपुर, दंतेवाड़ा और बलरामपुर जैसे जिलों में भी इसका सफल आयोजन हो चुका है। इस पहल का उद्देश्य जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है, ताकि विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

कुल मिलाकर, यह कार्यक्रम लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने और प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।