Datia Bypoll: नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने पर भाजपा में भारी नाराजगी
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Datia Bypoll News
नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने हाईवे जाम किया।
जिलाध्यक्ष रघुवीर सरण सहित कई पदाधिकारियों ने इस्तीफा दिया।
कार्यकर्ताओं ने टिकट बदलने की मांग करते हुए पार्टी नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी की।
Datia / मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी को अपने ही गढ़ में विरोध का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिए जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। शुक्रवार को यह नाराजगी खुलकर सड़क पर दिखाई दी, जब बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने दतिया-झांसी हाईवे पर जाम लगाकर पार्टी नेतृत्व के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के कारण हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और करीब तीन किलोमीटर तक जाम की स्थिति बन गई। राहगीरों और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी करते रहे और पार्टी नेतृत्व से टिकट बदलने की मांग करते रहे।
दतिया में भाजपा द्वारा आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद असंतोष और बढ़ गया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा वर्षों से दतिया की राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे हैं और उनके नेतृत्व में भाजपा ने क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। ऐसे में अचानक उनका टिकट काटकर नए उम्मीदवार को मैदान में उतारना कार्यकर्ताओं को स्वीकार नहीं है।
शाम होते-होते दतिया शहर के विभिन्न वार्डों से भाजपा कार्यकर्ता झांसी हाईवे पर पहुंचने लगे और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान "नरोत्तम मिश्रा जिंदाबाद", "टिकट बदलो" और "आशुतोष वापस जाओ" जैसे नारे लगातार गूंजते रहे। कई कार्यकर्ताओं ने खुलकर कहा कि वे घोषित उम्मीदवार को नहीं जानते और पार्टी नेतृत्व ने जमीनी कार्यकर्ताओं की भावनाओं की अनदेखी की है।
विरोध केवल सड़क तक सीमित नहीं रहा। दतिया भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सरण सहित कई पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। वहीं भाजपा पार्षदों के भी इस्तीफे देने की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष का अंदाजा लगाया जा सकता है।
कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने यहां तक चेतावनी दे दी कि यदि टिकट में बदलाव नहीं किया गया तो वे उपचुनाव में भाजपा का विरोध करेंगे। उनका कहना है कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष की नहीं बल्कि कार्यकर्ताओं के सम्मान की है।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन भी सक्रिय हो गया। सूचना मिलते ही एसडीएम, सीएसपी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद यातायात आंशिक रूप से बहाल हो सका, लेकिन कार्यकर्ताओं का विरोध जारी रहा।
दतिया उपचुनाव से पहले भाजपा के भीतर उभरा यह असंतोष पार्टी नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती बनता दिखाई दे रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पार्टी कार्यकर्ताओं की नाराजगी को कैसे दूर करती है और क्या टिकट को लेकर कोई नया फैसला सामने आता है।