छत्तीसगढ़ विधानसभा का अष्टम सत्र 23 फरवरी से
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Chhattisgarh-Assembly-Eighth-Session-2026
सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी, जबकि प्रश्नकाल और विधायी कार्य सदन की कार्यवाही का मुख्य आधार रहेंगे।
27 फरवरी, 13 मार्च और 20 मार्च को अशासकीय कार्यों के लिए विशेष समय निर्धारित किया गया है।
Raipur/ छत्तीसगढ़ की षष्ठम विधानसभा का अष्टम सत्र आगामी सोमवार, 23 फरवरी 2026 से शुरू होने जा रहा है। यह सत्र 20 मार्च 2026 तक चलेगा, जिसमें कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं। बजट और नीतिगत फैसलों से पहले यह सत्र राज्य की राजनीति और शासन व्यवस्था के लिहाज से अहम माना जा रहा है। प्रश्नकाल, विधायी कार्य और अशासकीय प्रस्तावों के जरिए सरकार और विपक्ष के बीच गहन संवाद देखने को मिलेगा।
सत्र की शुरुआत पहले दिन माननीय राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। इसके बाद सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा, जिस पर चर्चा के दौरान सरकार अपनी प्राथमिकताओं और नीतिगत दिशा को स्पष्ट करेगी। सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण शासकीय कार्यों को निपटाने की भी तैयारी है।
अधिकांश बैठकों में प्रश्नोत्तर काल को प्रमुखता दी गई है। इस दौरान विधायक विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से सीधे सवाल पूछेंगे। इससे न केवल प्रशासनिक जवाबदेही तय होगी, बल्कि जनहित से जुड़े विषय भी सदन के पटल पर आएंगे। इसके अलावा विधायी प्रस्तावों और नियमों पर चर्चा कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।
विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 27 फरवरी, 13 मार्च और 20 मार्च 2026 को बैठकों के अंतिम ढाई घंटे अशासकीय कार्यों के लिए निर्धारित किए गए हैं। इन दिनों विधायक व्यक्तिगत सदस्यों से जुड़े प्रस्ताव और जनहित के विषय उठा सकेंगे।
सत्र के दौरान शनिवार, रविवार के अलावा होलिका दहन और होली के अवसर पर विधानसभा की बैठकें नहीं होंगी। इन दिनों को आधिकारिक अवकाश घोषित किया गया है। कुल मिलाकर, यह सत्र छत्तीसगढ़ की विधायी गतिविधियों और राजनीतिक विमर्श के लिए काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है।