छत्तीसगढ़ विधानसभा में बस्तर धान खरीदी पर घमासान

Mon 09-Mar-2026,11:40 AM IST +05:30

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छत्तीसगढ़ विधानसभा में बस्तर धान खरीदी पर घमासान Bastar-Paddy-Procurement-Debate-Chhattisgarh-Assembly
  • खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि 15 नवंबर से 31 जनवरी तक धान खरीदी हुई, जबकि 44,612 किसान केंद्रों तक धान लेकर नहीं पहुंचे।

  • छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में बस्तर संभाग की धान खरीदी का मुद्दा उठा, जिस पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।

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Raipur/ छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का छठा दिन किसानों से जुड़े मुद्दों के कारण काफी गरम रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सभी दलों के सदस्यों ने टी-20 क्रिकेट में जीत के लिए टीम इंडिया को बधाई दी। इसके बाद प्रश्नकाल में बस्तर संभाग में धान खरीदी का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली और कई सवालों के साथ सरकार से जवाब मांगा गया।

प्रश्नकाल के दौरान विधायक Lakheshwar Baghel ने बस्तर संभाग में धान खरीदी की प्रक्रिया पर सरकार से जानकारी मांगी। उन्होंने पूछा कि धान खरीदी की शुरुआत कब की गई और किन किसानों का धान नहीं खरीदा गया। इस पर खाद्य मंत्री Dayaldas Baghel ने बताया कि बस्तर संभाग में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू की गई थी और 31 जनवरी को इसका समापन हुआ। मंत्री ने कहा कि कुल 44 हजार 612 किसानों का धान नहीं खरीदा गया, क्योंकि ये किसान धान खरीदी केंद्रों तक अपना धान लेकर ही नहीं पहुंचे।

मंत्री के जवाब के बाद विधायक लखेश्वर बघेल ने धान खरीदी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब किसानों से 21 क्विंटल धान खरीदने का प्रावधान है, तो फिर उन्हें परेशान क्यों होना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह धान खरीदी में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई हैं। कहीं धान में पानी डालकर खरीदी किए जाने की बात कही जा रही है तो कहीं अन्य वस्तुओं की खरीदी जैसी अनियमितताओं की चर्चा हो रही है। उन्होंने यह भी पूछा कि प्रदेश में कितने किसान ऋणी हैं और कितने किसान वनाधिकार पट्टाधारी हैं।

इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री और विधायक Bhupesh Baghel ने भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि आखिर कितने किसानों के धान का समर्पण कराया गया। इस पर मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि बस्तर में 9,906 किसानों ने अपना धान नहीं बेचा।

सदन में सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS के तहत राशन दुकानों के आवंटन का मुद्दा भी उठाया गया। विधायक Lalit Chandrakar ने दुर्ग जिले में राशन दुकानों के संचालन और आवंटन की स्थिति पर सवाल पूछा। इस पर मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि दुर्ग जिले में वर्तमान में 42 राशन दुकानों का संचालन किया जा रहा है और इनके संचालन स्थल में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

कुल मिलाकर बजट सत्र के दौरान किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच सियासी टकराव तेज होता दिख रहा है। बस्तर में धान खरीदी के मुद्दे ने विधानसभा में राजनीतिक बहस को और भी तेज कर दिया है।