BSF Attack | BSF जवानों पर कथित तस्करों का हमला! लाठी-डंडों से पीटा, हथियार छीनने की कोशिश
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
बीएसएफ जवानों पर कथित हमला
त्रिपुरा के अशाबारी में बीएसएफ जवानों पर कथित तस्करों का हमला।
जवानों को लाठी-डंडों से पीटा गया और हथियार छीनने की कोशिश हुई।
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
Tripura / भारत-बांग्लादेश सीमा पर तस्करी रोकने पहुंचे सीमा सुरक्षा बल के जवानों पर अचानक भीड़ ने हमला कर दिया। जवानों को लाठियों से पीटा गया, उनके हथियार छीनने की कोशिश हुई और सरकारी वाहन में तोड़फोड़ की गई। आखिर क्या है पूरा मामला?
त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले के बोक्सानगर इलाके में सीमा सुरक्षा बल यानी BSF के जवानों पर हमले का गंभीर मामला सामने आया है। अशाबारी बॉर्डर आउटपोस्ट के पास कथित तस्करों के एक समूह ने बीएसएफ जवानों पर हमला कर दिया। इस घटना में जवान घायल हुए हैं। हमले के दौरान उनके सर्विस हथियार छीनने की कोशिश भी की गई और सरकारी वाहन को नुकसान पहुंचाया गया।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना सोमवार सुबह करीब 9 बजे की है। हमला अशाबारी बॉर्डर आउटपोस्ट के अंतर्गत भारत-बांग्लादेश सीमा पर कंटीले तारों के पास गेट नंबर 174 और 175 के आसपास हुआ।
बताया जा रहा है कि 49वीं बटालियन के जवानों ने सीमा के रास्ते कथित तौर पर अवैध सामान ले जाने की कोशिश कर रहे कुछ लोगों को देखा। जवानों ने उनका पीछा किया, जिसके बाद संदिग्ध लोग अलग-अलग दिशाओं में भागने लगे। इसी दौरान बीएसएफ के जवान एक कथित तस्कर हेफजुर रहमान को घटनास्थल से करीब 400 मीटर दूर पकड़ने में सफल रहे।
इसी बीच रहीमपुर कांतामुरा बॉर्डर आउटपोस्ट के तीन जवान एक सरकारी वाहन से बोक्सानगर की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे घटनास्थल के पास पहुंचे, वहां मौजूद लोगों के एक समूह ने उन पर हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आए वीडियो फुटेज के अनुसार, हमलावरों ने जवानों को लाठी-डंडों से पीटा। जवानों को जमीन पर गिराकर हमला किया गया और उनके सर्विस हथियार छीनने की कोशिश की गई। इस दौरान सरकारी वाहन में भी जमकर तोड़फोड़ की गई। हमले में कंपनी कमांडर रोहित समेत बीएसएफ के जवान घायल हुए। उन्हें उपचार के लिए बोक्सानगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
सूत्रों ने यह भी दावा किया है कि हमलावरों में बांग्लादेश के कुछ नागरिक शामिल थे, जो अशाबारी इलाके में रहकर कथित तौर पर सीमा पार तस्करी की गतिविधियों में शामिल थे। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
घटना की सूचना मिलते ही अशाबारी बॉर्डर आउटपोस्ट से अतिरिक्त बीएसएफ जवान मौके पर पहुंचे। अतिरिक्त बल के पहुंचने के बाद हमलावर अलग-अलग दिशाओं में भाग गए। पुलिस और बीएसएफ के अधिकारियों ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांच के लिए अपने कब्जे में ली है।
इस घटना पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि बीएसएफ के जवानों पर इस तरह का हमला पूरी तरह अस्वीकार्य है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ जल्द और सख्त कार्रवाई करने तथा कानून के अनुसार न्याय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा में तैनात जवान सर्वोच्च सम्मान और सुरक्षा के हकदार हैं।
घटना के बाद पुलिस और बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने बोक्सानगर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है।
कुल मिलाकर, भारत-बांग्लादेश सीमा के पास बीएसएफ जवानों पर हुआ यह हमला सीमा सुरक्षा और तस्करी रोकने के दौरान जवानों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब जांच और आरोपियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर सबकी नजर है।