करूर भगदड़ मामला: CBI ने सुपरस्टार विजय को फिर भेजा समन, 19 जनवरी को दिल्ली में होगी पूछताछ
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Karur Bhagdar Mamla
करूर भगदड़ मामले में CBI का नया समन.
19 जनवरी को दिल्ली में विजय से दोबारा पूछताछ.
पुलिस और विजय के बयानों में विरोधाभास.
Karur / करूर भगदड़ मामले ने एक बार फिर साउथ के सुपरस्टार और टीवीके पार्टी के प्रमुख जोसेफ विजय चंद्रशेखर उर्फ़ विजय की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पहले से ही राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों के कारण सुर्खियों में रहने वाले विजय अब सीबीआई के नए समन को लेकर चर्चा में हैं। इस मामले ने न सिर्फ उनके राजनीतिक भविष्य, बल्कि उनकी सार्वजनिक छवि पर भी गहरा असर डाला है।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने करूर में हुई भीषण भगदड़ की जांच को आगे बढ़ाते हुए विजय को नई दिल्ली में पेश होने का नोटिस भेजा है। यह समन इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले 12 जनवरी को विजय से करीब छह घंटे तक लंबी पूछताछ हो चुकी है। अब ताजा जानकारी के मुताबिक, उन्हें दोबारा 19 जनवरी को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। जांच एजेंसी इस मामले को गहराई से खंगालना चाहती है और घटना से जुड़े हर पहलू को साफ करना चाहती है।
12 जनवरी की पूछताछ के दौरान विजय ने साफ तौर पर कहा था कि करूर भगदड़ के लिए न तो वे खुद जिम्मेदार हैं और न ही उनकी टीवीके पार्टी। उनका कहना था कि जैसे ही उन्हें भीड़ बढ़ने और स्थिति बिगड़ने का अंदेशा हुआ, उन्होंने तुरंत अपना भाषण रोक दिया और मंच से नीचे उतर आए, ताकि किसी तरह की अनहोनी को रोका जा सके। विजय का यह भी दावा है कि उनका इरादा कभी भी भीड़ को उकसाने या हालात बिगाड़ने का नहीं था।
हालांकि, पुलिस का बयान विजय के दावों से अलग है। पुलिस के अनुसार, भगदड़ की मुख्य वजह विजय और उनकी पार्टी की व्यवस्थाएं थीं। पुलिस का कहना है कि विजय कार्यक्रम में तय समय से देर से पहुंचे, जिससे पहले से मौजूद भीड़ और ज्यादा बढ़ती चली गई। जैसे ही विजय मंच पर आए और भाषण शुरू किया, लोग उन्हें नजदीक से देखने के लिए आगे बढ़ने लगे। इसी दौरान अव्यवस्था फैल गई और भगदड़ मच गई।
सीबीआई अब विजय के बयान, पुलिस रिपोर्ट और अन्य चश्मदीद गवाहों के बयानों को आपस में मिलाकर सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। जांच एजेंसी यह जानना चाहती है कि कार्यक्रम का आयोजन किसने किया था, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी किसकी थी, विजय को व्यवस्थाओं की कितनी जानकारी थी और भीड़ को संभालने के लिए क्या पर्याप्त कदम उठाए गए थे।
यह पूरा मामला 27 सितंबर 2025 की उस घटना से जुड़ा है, जब विजय करूर में अपनी टीवीके पार्टी के प्रचार के लिए पहुंचे थे। बताया जाता है कि उनके देर से पहुंचने के कारण मंच के सामने भारी भीड़ इकट्ठा हो गई थी। इसी दौरान भगदड़ मची, जिसमें 41 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए थे। इस हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।
घटना के बाद विजय ने सार्वजनिक रूप से गहरा दुख जताया था। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी और कुछ परिवारों से वीडियो कॉल के जरिए बात भी की थी। फिलहाल इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज अजय रस्तोगी की अध्यक्षता वाली समिति की निगरानी में चल रही है। हाल के दिनों में सीबीआई ने जांच तेज कर दी है और विजय के साथ-साथ टीवीके पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं से भी पूछताछ की है।
आने वाले दिनों में सीबीआई की यह जांच किस नतीजे तक पहुंचेगी, इस पर न सिर्फ विजय के प्रशंसकों, बल्कि राजनीतिक और फिल्मी जगत की भी नजरें टिकी हुई हैं।