वडगाम में ‘बनास बायो-सीएनजी मॉडल प्लांट’ का लोकार्पण

Sun 18-Jan-2026,07:06 PM IST +05:30

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वडगाम में ‘बनास बायो-सीएनजी मॉडल प्लांट’ का लोकार्पण Acharya Devvrat Wadgam News
  • वडगाम में बनास बायो-सीएनजी मॉडल प्लांट का उद्घाटन​.

  • गोबर से स्वच्छ ईंधन, किसानों की आय में वृद्धि.

  • प्राकृतिक खेती और आत्मनिर्भर भारत पर जोर.

Gujarat / Banas Kantha :

Wadgam / वडगाम तहसील के भूखला गांव में आज बनास डेयरी द्वारा स्थापित ‘बनास बायो-सीएनजी मॉडल प्लांट’ का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर आचार्य देवव्रत ने इसे केवल एक ऊर्जा परियोजना नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, किसानों की आय वृद्धि और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाला एक प्रेरणादायक ‘बनास मॉडल’ बताया।

आचार्य देवव्रत ने कहा कि यह प्लांट स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ प्रकृति और किसानों दोनों के हित में एक ठोस पहल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्राकृतिक खेती ही हमारी धरती, किसान और आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य की रक्षा का एकमात्र रास्ता है। इस मॉडल के जरिए गोबर से निकलने वाली हानिकारक मिथेन गैस को अब स्वच्छ ईंधन में बदला जा रहा है, जिससे पर्यावरण को होने वाला नुकसान भी कम होगा और पशुपालकों की आमदनी भी बढ़ेगी।

उन्होंने बताया कि यह बायो-सीएनजी प्लांट प्रतिदिन करीब 1 लाख किलो गोबर का प्रसंस्करण करेगा, जिससे लगभग 1900 किलो बायो-सीएनजी का उत्पादन होगा। यह बायो-सीएनजी न केवल ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि बाजार मूल्य से 2 रुपये सस्ती दर पर उपलब्ध कराई जाएगी। इससे आम लोगों को राहत मिलेगी और देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी यह एक अहम कदम साबित होगा।

इसके अलावा, इस प्लांट से निकलने वाली स्लरी से ‘भूमि अमृत’ नामक जैविक खाद तैयार की जाएगी। यह खाद मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में सहायक होगी और रासायनिक खाद पर निर्भरता को कम करेगी। इससे खेती अधिक टिकाऊ बनेगी और किसानों को लंबे समय में बेहतर उत्पादन मिलेगा।

आचार्य देवव्रत ने बताया कि आज अपने जन्मदिन के अवसर पर उन्हें किसानों के बीच रहने और विद्यार्थियों को पुस्तकें भेंट करने का सौभाग्य मिला, जिसे उन्होंने अपने लिए सबसे बड़ा और सुखद उपहार बताया। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे प्राकृतिक खेती को अपनाएं और इस तरह राष्ट्रनिर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

उन्होंने विश्वास जताया कि बनास बायो-सीएनजी मॉडल आने वाले समय में देश के अन्य हिस्सों के लिए भी एक मिसाल बनेगा, जहां स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और किसान समृद्धि एक साथ आगे बढ़ सकेंगे।