Manesar Traffic Diversion: दिल्ली-जयपुर हाईवे पर इस महीने लागू होगी नई ट्रैफिक योजना
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Manesar Traffic Diversion
मानेसर फ्लाईओवर निर्माण के चलते एनएचएआई नया ट्रैफिक डायवर्जन लागू करेगा।
वैकल्पिक मार्गों से वाहनों को निकालकर हाईवे पर जाम कम करने की तैयारी।
फ्लाईओवर बनने के बाद दिल्ली-जयपुर हाईवे पर सफर होगा अधिक सुगम और तेज।
गुरुग्राम / दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) पर मानेसर में निर्माणाधीन फ्लाईओवर के कारण पिछले कई महीनों से वाहन चालकों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे लोगों को एक से डेढ़ घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ता है। इस समस्या को कम करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने नया ट्रैफिक डायवर्जन प्लान तैयार किया है। इसकी जानकारी ट्रैफिक पुलिस को भी दे दी गई है और इस महीने के अंत तक इसे मानेसर चौक से पचगांव चौक के बीच लागू कर दिया जाएगा।
एनएचएआई मानेसर में तीन-तीन लेन वाले आधुनिक फ्लाईओवर का निर्माण करा रहा है। फिलहाल निर्माण कार्य के चलते यातायात केवल दो लेन वाली सर्विस रोड से गुजर रहा है। भारी वाहनों और रोजाना बढ़ते ट्रैफिक दबाव के कारण हाईवे पर लंबा जाम लग रहा है। अधिकारियों का मानना है कि डायवर्जन लागू होने के बाद इस समस्या में काफी हद तक राहत मिलेगी।
नई व्यवस्था के तहत दिल्ली से जयपुर जाने वाले वाहन चालकों को मानेसर चौक से दाईं ओर मुड़कर मानेसर तहसील के सामने वाले मार्ग से होते हुए होंडा कंपनी के पास पहुंचना होगा। वहां से हरियाणा सिटी गैस और लेबर चौक के रास्ते हाईलैक्स इंडिया के सामने से गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी हाईवे (एनएच-352डब्ल्यू) पर पहुंचेंगे। इसके बाद कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे के जरिए पचगांव की ओर निकल सकेंगे।
इस वैकल्पिक मार्ग की दूरी लगभग 20 किलोमीटर होगी, जिससे यात्रियों को करीब 30 मिनट अतिरिक्त लग सकते हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि लगातार लगने वाले जाम में फंसने से बेहतर यह विकल्प रहेगा। वहीं, दिल्ली से सीधे जयपुर जाने वाले वाहन चालक राजीव चौक से गुरुग्राम-सोहना हाईवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
एनएचएआई के अनुसार, मानेसर और बिलासपुर चौक पर बन रहे दोनों फ्लाईओवरों की कुल लागत लगभग 84 करोड़ रुपये है। करीब एक किलोमीटर लंबे इन फ्लाईओवरों का निर्माण अगले वर्ष सितंबर तक पूरा होने की संभावना है। इनके तैयार होने के बाद दिल्ली-जयपुर हाईवे पर ट्रैफिक सुचारु होगा और यात्रा का समय भी कम होगा।
इसके अलावा, एनएच-352डब्ल्यू के कुछ हिस्सों को डायवर्जन योजना के तहत समय से पहले खोला जाएगा। हालांकि वजीरपुर के पास 220 केवी बिजली केबल को स्थानांतरित करने का कार्य जारी रहने के कारण वहां यातायात सर्विस रोड से संचालित किया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले वैकल्पिक मार्गों की जानकारी लें, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और अनावश्यक जाम से बचने के लिए सुझाए गए रूट का ही उपयोग करें। इससे यात्रा सुरक्षित और अपेक्षाकृत आसान हो सकेगी।