भोपाल स्लॉटर हाउस विवाद: SIT जांच में जुटी

Wed 21-Jan-2026,01:27 PM IST +05:30

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भोपाल स्लॉटर हाउस विवाद: SIT जांच में जुटी Bhopal-Slaughterhouse-Controversy-SIT-Probe-Bajrang-Dal
  • भोपाल के स्लॉटर हाउस में गाय कटने और प्रतिबंधित मांस मामले में बजरंग दल ने महापौर मालती राय के खिलाफ प्रदर्शन किया।

  • SIT ने जिन्सी स्थित बीएमसी स्लॉटर हाउस से केस डायरी, डीवीआर और सीसीटीवी फुटेज जब्त कर जांच तेज कर दी।

Madhya Pradesh / Bhopal :

Bhopal/ राजधानी भोपाल में स्लॉटर हाउस विवाद लगातार तूल पकड़ रहा है। जिन्सी स्थित बीएमसी स्लॉटर हाउस में गाय कटने और प्रतिबंधित मांस के मामले ने राजनीतिक और सामाजिक हलचल बढ़ा दी है। महापौर मालती राय के खिलाफ बजरंग दल का प्रदर्शन और SIT द्वारा जांच तेज करने के कदम ने पूरे मामले को हाई-प्रोफाइल बना दिया है। इस बीच प्रशासन और नगर निगम दोनों पर जवाबदेही के सवाल उठ रहे हैं, जबकि मामले में नए नाम भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

बजरंग दल ने महापौर मालती राय के बंगले के बाहर प्रदर्शन कर उनके इस्तीफे की मांग की। कार्यकर्ताओं ने बंगले की नेम प्लेट पर कालिख पोत दी और बैनर-पोस्टर फाड़ दिए। संगठन का आरोप है कि नगर निगम की भूमिका संदिग्ध है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

एसआईटी ने औपचारिक रूप से जांच शुरू कर दी है। टीम ने स्लॉटर हाउस की केस डायरी, डीवीआर और सीसीटीवी फुटेज जब्त कर पूरे घटनाक्रम की बारीकी से पड़ताल शुरू कर दी है। जांच में मुख्य आरोपी असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा और अन्य कर्मचारी, पैकेजिंग से जुड़े लोग शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार रिमांड पर पूछताछ के बाद नए नाम सामने आने की संभावना है।

इस मामले की शुरुआत 18 दिसंबर 2025 को हुई थी, जब जहांगीराबाद इलाके में विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने संदिग्ध ट्रक रोका। तलाशी में लगभग 26 टन मांस बरामद हुआ, जिसमें गौमांस होने की पुष्टि हुई। इसके बाद 8 जनवरी 2026 को नगर निगम ने स्लॉटर हाउस को सील कर दिया। आरोपियों में असलम कुरैशी और कंटेनर चालक पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि नगर निगम के आठ कर्मचारी निलंबित किए गए हैं।

नगर निगम परिषद की बैठक में भी विवाद गरमाया। कांग्रेस पार्षदों ने महापौर से इस्तीफे की मांग की, जबकि समिति गठित करने के निर्देश के बावजूद अभी तक समिति का गठन नहीं हो पाया। इस पूरे मामले ने प्रशासन, पुलिस और निगम में सख्त निगरानी और कार्रवाई की आवश्यकता को उजागर किया है।

भोपाल स्लॉटर हाउस मामला न केवल कानून और व्यवस्था, बल्कि सामाजिक-सांस्कृतिक संवेदनाओं के लिहाज से भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।