कटरा के पास CISF जवानों की बस हादसे का शिकार, 9 घायल, 3 की हालत गंभीर
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CISF Bus Accident
कटरा के पास CISF जवानों की बस दुर्घटनाग्रस्त, 9 लोग घायल।
तीन जवानों की हालत गंभीर, बेहतर इलाज के लिए जम्मू रेफर।
पुलिस और प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू की।
Katra / जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में रविवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जिसमें केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के कई जवान घायल हो गए। यह दुर्घटना माता वैष्णो देवी के आधार शिविर कटरा के निकट स्थित ताराकोट क्षेत्र में हुई, जब जवानों को लेकर जा रही एक बस अचानक सड़क से फिसल गई। हादसे में आठ CISF जवानों और बस चालक सहित कुल नौ लोग घायल हुए हैं। इनमें से तीन जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, पंजीकरण संख्या JK08D-5992 वाली बस CISF जवानों को लेकर अपने निर्धारित गंतव्य की ओर जा रही थी। रविवार दोपहर ताराकोट इलाके के पास पहुंचते ही चालक का वाहन पर नियंत्रण अचानक बिगड़ गया। देखते ही देखते बस सड़क से नीचे उतर गई और दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि बस में सवार जवानों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रशासन और पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। बचावकर्मियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए बस में फंसे घायलों को बाहर निकाला और उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। चिकित्सकों द्वारा जांच के बाद तीन जवानों की हालत गंभीर पाई गई। बेहतर इलाज के लिए उन्हें तुरंत जम्मू के नारायण अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहीं अन्य घायल जवानों और बस चालक का उपचार स्थानीय अस्पताल में जारी है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए है और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल हादसे के कारणों का स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पाया है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि चालक का वाहन पर नियंत्रण अचानक हट गया था, जिसके कारण बस सड़क से फिसल गई। हालांकि, यह अभी केवल प्रारंभिक अनुमान है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां मामले की विस्तृत जांच कर रही हैं।
जांच के दौरान बस की तकनीकी स्थिति, सड़क की हालत, मौसम और अन्य संभावित कारणों को भी ध्यान में रखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। दुर्घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने का काम भी शुरू कर दिया गया है।
इस हादसे में राहत की बात यह रही कि बचाव दल समय पर घटनास्थल पर पहुंच गया, जिससे घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता मिल सकी। यदि राहत कार्य में देरी होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। प्रशासन ने अस्पतालों को भी अलर्ट पर रखा है ताकि घायल जवानों को बेहतर उपचार मिल सके।
फिलहाल सभी घायल जवानों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन और CISF के वरिष्ठ अधिकारी भी पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और सावधानी की आवश्यकता को रेखांकित करता है।