राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर BJP MLC का बड़ा बयान, चंपत राय पर लगाए गंभीर आरोप

Mon 29-Jun-2026,12:25 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर BJP MLC का बड़ा बयान, चंपत राय पर लगाए गंभीर आरोप ram mandir donation case
  • भाजपा एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने राम मंदिर चढ़ावा मामले पर उठाए सवाल।

  • चंपत राय और अनिल मिश्रा की भूमिका की जांच की मांग की।

  • ट्रस्ट के पुनर्गठन और नए सदस्यों को शामिल करने का सुझाव दिया।

Uttar Pradesh / Ayodhya :

Ayodhya / राम मंदिर के कथित चढ़ावा गबन मामले को लेकर भाजपा के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) देवेंद्र प्रताप सिंह ने बड़ा और विवादित बयान दिया है। रविवार को उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दोनों को “डकैत” बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की।

मऊ में एक विद्यालय में आयोजित मूर्ति अनावरण कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि राम मंदिर परिसर में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम हैं और वहां चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। ऐसे में उनकी राय में ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों की जानकारी के बिना किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता होना संभव नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि चढ़ावे के धन में गड़बड़ी हुई है, तो इसकी जिम्मेदारी केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर डालकर मामले को खत्म नहीं किया जा सकता।

एमएलसी ने कहा कि अब तक जिन कर्मचारियों की गिरफ्तारी हुई है, वह पर्याप्त नहीं है। उनके अनुसार, पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए और यह पता लगाया जाना चाहिए कि इस कथित अनियमितता के पीछे कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए और यदि वे दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

देवेंद्र प्रताप सिंह ने इस अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पुनर्गठन की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि ट्रस्ट में भगवान श्रीराम के वंशजों, राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कारसेवकों तथा आंदोलन में बलिदान देने वाले लोगों के परिजनों को शामिल किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि ऐसे लोगों का भगवान राम और राम मंदिर आंदोलन से भावनात्मक जुड़ाव अधिक है, जिससे ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि यदि ट्रस्ट में ऐसे लोगों को स्थान दिया गया होता, जो वर्षों से राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे हैं, तो इस तरह के विवाद सामने नहीं आते। एमएलसी ने यह भी सुझाव दिया कि वर्तमान व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जानी चाहिए और जरूरत पड़ने पर ट्रस्ट की संरचना में बड़े बदलाव किए जाने चाहिए।

देवेंद्र प्रताप सिंह के इस बयान के बाद राजनीतिक और धार्मिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, मामले की जांच और आरोपों की सत्यता को लेकर संबंधित एजेंसियों और ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल यह मामला श्रद्धालुओं और आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि इसका संबंध करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े राम मंदिर से है।